यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण, कारण और इसका इलाज

Urine Infection In Hindi: युरिन इन्फेक्शन एक गंभीर बीमारी हो सकती है, ये महिला और पुरुष दोनों में पाई जाती है. यूरिन इंफेक्शन पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज़्यादा होता है. वैसे यूरिन इंफेक्शन के बारे में दावे से कुछ नहीं कहा जा सकता, कि ये किसे हो सकता है और किसे नहीं.

लेकिन ये इंफेक्शन पुरुषों की अपेक्षा, महिलाओ में इसीलिए अधिक होता है, क्योंकी महिलाओं का मूत्र मार्ग और उसकी संरचना जटिल तरीके से बनी होती है, जिसकी वजह से उसमें संक्रमण होने की संभावना ज़्यादा होती है.

यूरिन इन्फेक्शन | Urine infection in Hindi

इस बीमारी को अंग्रेज़ी में यू.टी.आई. (UTI) कहते हैं. जिसका पूरा नाम है, युरीनरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन (Urinary Tract Infection). इस इंफेक्शन के कारण मूत्र मार्ग प्रभावित होता है. जब मूत्राशय में बैक्टीरिया संक्रमण जमा हो जाते है जो मूत्र मार्ग को प्रभावित कर देते हैं.

जब हम पेशाब करने जाते हैं, तो मूत्र विसर्जन करते समय इस इंफेक्शन के और भी ज़्यादा फैलने की सम्भावना बढ़ जाती है.

यूरिन इंफेक्शन से गुर्दे, मूत्र बहिकाए, मूत्राशय आदि प्रभावित होते हैं. ये इंफेक्शन बच्चो में कम होता है. जबकि अधेड़ उम्र के वयस्कों में ये इंफेक्शन बहुत अधिक पाया जाता हैं. गंभीर रूप धारण करने पर इससे जान के जोखिम का खतरा हो सकता है.

Urinary Tract Infection Treatment In Hindi

Urinary Tract Infection

इससे बचने के लिए हम कुछ ऐसे उपाय आपको बता रहे हैं, जिनको आप अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनाएंगे तो इससे काफी हद तक बचा जा सकता है. लेकिन इससे पहले हम जान लेते हैं इसके लक्षणों के बारे में.

यूरिन इंफेक्शन के लक्षण | Urine infection symptoms in Hindi

यहाँ कुछ ऐसे लक्षणों के बारे में बता रहे हैं, जिनके आधार पर आप तय कर पाएंगे की ये यूरिन इन्फेक्शन है, अथवा नहीं.

यूरिन इन्फेक्शन सिम्पटम्स in Hindi

  • पेशाब का रंग सामान्य से अधिक गहरा पीला होना
  • बार बार अधिक पेशाब का आना
  • पेशाब करते समय जलन व दर्द होना
  • यूरिन से तेज़ अजीब तरह की बदबू आना
  • गुप्त अंगो में या उसके आस-पास खाज-खुजली होना
  • कमर के निचे के हिस्से में दर्द होना और दर्द का हमेशा बना रहना
  • अधिक सर्दी का लगाना और सर्दी लग के बुखार का आना
  • मूत्र मार्ग की उपरी परतो में सूजन आना
  • जी मचलना और उलटी जैसा मन होना
  • तत्काल पेशाब हो जाने का डर होना
  • पेशाब के साथ खून का आना
  • पेशाब करते समय रुकावट आना
  • बूँद-बूँद करके पेशाब का आना

अधिकतर इन लक्षणों के होने पर आप पता लगा सकते हैं, कि कहीं ये यूरिन इन्फेक्शन तो नहीं. अगर है तो फिर आप किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श करें.

यूरिन इंफेक्शन होने के कारण | Reason of urine infection in Hindi

इस यूरिन इन्फेक्शन को मूत्र मार्ग संक्रमण भी कहते हैं. अधिकतर लोगों को जब ये रोग होता है, तो उसका सबसे बड़ा कारण लापरवाही होती है. जैसे

  • ज़्यादा देर तक पेशाब को रोक कर रखना
  • ज़रूरत से कम पानी का पीना
  • शरीर में पानी की कमी होने के कारण
  • गर्भावस्था के समय मूत्राशय में बहुत जल्द संक्रमित होने का ख़तरा होता है
  • रीड की हड्डी में चोट लगने के कारण
  • अपने गुप्तांगों की समय समय पर और ठीक से साफ सफाई न होने के कारण
  • लडकियों को मासिक धर्म के समय इसके चांस बड जाते है
  • दस्त होने के कारण
  • पथरी होने के कारण से
  • एंटीबायोटिक दवाओ के अधिक उपयोग से
  • शुगर की वजह से भी इसके होने के खतरे बहुत अधिक होते हैं

जब आप बहुत ज़्यादा देर तक अपने पेशाब को रोके रहते हैं, तो उस वजह से मूत्राशय में बैक्टीरिया संक्रमण फैलने के कारण ये हो सकता है.

और उस दौरान ही ये पेशाब के माध्यम से बैक्टीरिया बढ़ते चले जाते हैं. इस रोग में इकोली नाम का बैक्टीरिया मुख्य भूमिका निभाता है.

यूरिन इन्फेक्शन होम रेमेडीज | Urine infection Home Remedies in Hindi

यहाँ हम कुछ घरेलु नुस्खे बता रहे हैं, जो यूरिन इन्फेक्शन के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं. बाकी डॉक्टर्स से इस मामले में परामर्श लेना ज़रूरी है.

गर्म पानी से सिकाई

यूरिन इन्फेक्शन के शुरुआती चरण में आप इसका घर पर भी आसानी से इलाज कर सकते हैं. इसके लिए नीचे दिए जा रहे तरीकों को अपनाएं.

अधिक पानी पियें

Drink more water urinary tract infection

Drink more water urinary tract infection

ज़्यादा पानी के पीने से भी युरीनरी ट्रेक्ट इन्फेक्शन को दूर किया जा सकता है.

  • दिन भर में खूब पानी पियें, इससे पेशाब के ज़रिये ज़्यादा से ज़्यादा बेक्टेरिया बहार निकलेंगे (1)
  • नाभी के नीचे गरम पानी की बोतल से सिकाई करें

कैसे काम करता है

जब भी किसी को भी यूरिन इंफेक्शन हो, तो इसका ये सबसे आसान और मुफ्त का इलाज है की आप ज्यादा से ज्यादा पानी पियें.

इससे पेशाब ज्यादा बनेगा और जब बार बार पेशाब जायेंगे, तो मूत्र के साथ बैक्टीरिया आपके शारीर से बाहर निकल जायेगा,

और इसी प्रकार आपके शारीर में इंफेक्शन ख़त्म हो जायेगा और आप ठीक हो जायेंगे.

अगर आपको दर्द होता है तो आप पानी को गर्म करके प्लास्टिक की एक बोतल में डालें. इस बोतल से मूत्राशय के आसपास सिकाई करें.

इससे आपको दर्द में राहत मिलेगी. और साथ ही सूजन भी कम हो जाएगी. इस बात का खास ध्यान रखे की पानी ज्यादा गर्म न हो.

लहसुन के सेवन से UTI का इलाज

Home Remedies To Prevent Urinary Tract Infection

Prevent Urinary Tract Infection By Eating Garlic

दोस्तों लहसुन को जीवाणु नाशक माना जाता है, और यूरिन इंफेक्शन का मुख्य कारण जीवाणु ही होते हैं. इसलिए UTI में लहसुन का सेवन फायदेमंद होता हैं

कितना खाएं

रोज़ाना 3 से 5 लहसुन की कलियाँ खा लें, या फिर इनको पीसकर पेस्ट जैसा बना लें. इसमें मक्खन (Butter) मिला कर खाएं.

कैसे काम करता है

लहसुन में एलिकिन तत्व पाया जाता है, जो यूटीआई के बेक्टेरिया को ख़तम करने की ताक़त रखता है (2).

जब आप कच्चे लहसुन की कलियाँ खाते हैं, तो इससे निकलने वाले तत्व आपकी नसों और धमनियों के ज़रिये बहने वाले रक्त में मिलकर लीवर तक जाते हैं.

लीवर के रस्ते ये अवशोषित होकर, मूत्रमार्ग और मूत्राशय पर जाकर हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ता है.

अनानास के प्रयोग से यूरिन इन्फेक्शन का इलाज

अनानास के प्रयोग से यूरिन इन्फेक्शन का इलाज

अनानास के प्रयोग से यूरिन इन्फेक्शन का इलाज

  • एक अनानास लें, और इसके तीन भाग कर लें
  • इसको प्रतीदिन सुबह, दोपहर और शाम को खाएं
  • आपको ऐसे रोजाना एक अनानास खाना है

अनानास में मानव शरीर में जितने भी हानीकारक बेक्टेरिया होते हैं, उनको नष्ट करने की क्षमता होती है.

कैसे काम करता है

अनानास में थाइमिन, राइबोफ्लेविन और सुक्रोज तथा ग्लूकोज जैसे तत्व पाए जाते हैं. इसमें मौजूद सिट्रिक अम्ल यूरिन के रास्ते से जाकर यूरिन इन्फेक्शन फैलाने वाले जीवाणुओं को ख़तम कर देता है.

बेकिंग सोडा

इस इंफेक्शन के इलाज में बेकिंग सोडा को बहुत ही अच्छा माना जाता है.

कैसे इस्तेमाल करें

एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकंग सोडा डालें, और दिन में 2 बार इसका सेवन करें.

कैसे काम करता है

बेकिंग सोडा में एसिड पाया जाता है, जो शारीर में एसिड की मात्रा को पूरी कर देता है. जिससे पेशाब में होनी वाली जलन में राहत मिलती है.

सेब का सिरका

सेब के सिरके में एन्जाइम पाए जाते हैं, जो की लाभकारी होते हैं.  ये यूरिन इन्फेशन में फायदेमंद होते हैं.

कैसे इस्तेमाल करें

  • एक गिलास पानी ले लें
  • उसमे एक चम्मच सेब का सिरका डालें
  • फिर इसको अच्छे से मिक्स कर लें

अगर आप जल्दी फायदा लेना चाहते हैं, तो आप इसमें नींबू का रस और थोड़ा शहद मिला कर दिन में 2 बार पियें

खट्टे फलो का सेवन

खट्टे फलों में सिट्रिक एसिड पाया जाता है और ये सिट्रिक एसिड बैक्टीरिया को ख़त्म करने में बहुत हद तक कारगर साबित होता है. जिस कारण से इसे यूरिन इन्फेक्शन के इलाज में लिया जाता है. खट्टे फलों में आप संतरा, आंवला और नींबू को लें सकते हैं.

क्रैनबेरी जूस

Benefits of Cranberry Juice For Urine Infection

क्रैनबेरी जूस

यूरिन इन्फेक्शन के इलाज में क्रैनबेरी का जूस बहुत मददगार होता है. ये जूस यूरिन इन्फेक्शन को धीरे; धीरे पूरी तरह से ख़त्म कर देता है. आप इस जूस का रोज़ाना सेवन करें. यदि आप ये जूस नहीं पी पाते हैं, तो आप इसमें; सेब का जूस भी मिलकर पी सकते हैं.

चन्दन

शिलाजीत और पुनर्नवा दो तत्व होते हैं, जो गुप्तांगों की समस्या और इन्फेक्शन; को ख़त्म करने का काम करते है. इसीलिए चन्दन मददगार होता हैं.

यूरिन इन्फेक्शन से कैसे बचें

  • पानी हमेशा स्वच्छ और पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए
  • कभी भी पेशाब को रोकना नहीं चाहिए
  • जब भी पेशाब आने जैसा महसूस ही तो तुरंत जाएँ चाहे किसी भी काम में व्यस्त हों
  • यदि आप रोकते रहे तो आपको यूरिन इन्फेक्शन हो सकता है
  • मूत्र त्याग के बाद आगे से पीछे की तरफ पोंछें या धोएं
  • न की पीछे से आगे की तरफ, ताकि इस प्रक्रिया में गुदा के बेक्टिरिया योनि या मूत्र द्वार तक न पहुंचें
  • बाथ टब में नहीं नहाना चाहिए
  • शॉवर के नीचे या फिर मग्गे बाल्टी से नहाएं
  • यौन सम्बन्ध से पहले तथा बाद में साफ सफाई का ध्यान रखें
  • यौन सम्बन्ध के बाद यूरिनल का उपयोग जरूर करें, ताकि यदि मूत्र नली बेक्टिरिया आ;दि से मुक्त होकर साफ हो जाये
  • कॉटन अंडरवियर काम में लें

नायलोन अंडरवियर या टाइट जीन्स का उपयोग करने से नमी बनी रहती है. जिसके कारण बेक्टिरिया पैदा हो सकता; है, और इन्फेक्शन बढ़ सकता है.

कुछ समय के लिए तेज खुशबुदार स्प्रे या डियो आदि का उपयोग न करें इनसे स्थिति; बिगड़ती ही है. डॉक्टर के बताये अनुसार पूरी दवा लेनी चाहिए.

ठीक हो गए ऐसा समझ कर दवा बीच में छोड़नी नहीं चाहिए. जब तक डॉक्टर दवा बंद करने; के लिए न बोले तब तक दवा लेते रहना चाहिए.

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