सफेद मूसली खाने के फायदे और नुकसान | सफेद मूसली कैसे खाएं

सफेद मूसली के फायदे – हमारे देश में जड़ी बूटियों से उपचार हजारों बर्षो से किया जा रहा है. चूँकि आयुर्वेद में सभी जड़ी बूटियों के बारे में जानकारी लिखी हुई है. आज के आधुनिक युग में आयुर्वेदिक उपाय का उपयोग किया जा रहा है. और ये केवल भारत में ही नही बल्कि विदेशों में भी इन उपाय को अपनाया जा रहा है.

ज्यादातर बीमारियों का इलाज आप घर में मौजूद मसालों एवं ड्राई फ्रूट्स आदि की मदद से कर सकते है. सफेद मूसली एक बहुत उर्जा देने वाली औषधि है. जिससे खाने से मर्दाना शक्ति बढ़ती है. आज कल के खानपान को लेकर यह देखा गया है कि ज्यादातर लोग वसा युक्त भोजन खाते है जोकि सेहत के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है.

Safed Musli Ke Fayde

जंक फ़ूड के प्रचलन के कारण लोगों में बीमारियाँ बढती जा रही है और जंहा तक फलों एवं हरी सब्जियों की बात की जाएँ तो इनका सेवन करने से ज्यादातार लोग कतराते है क्योंकि इनका स्वाद थोड़ा सा अलग होता है जबकि जंक फ़ूड स्वाद में बहुत लसीज़ होते है.

सफेद मूसली क्या है?

सफेद मूसली के विषय में जानकारी – ये एक बहुत छोटा पौधा होता है जिसमे सफेद रंग के फूल लगते है एवं सफ़ेद के पौधे की जड़ को निकालकर धोया जाता है. धोने के बाद इस जड़ के उपरी छिलके को हटा कर इस सुखाया जाता है और जब ये जड़े सूख जाती है तब इन्हें बाज़ार में बिकने के लिए भेजा जाता है.

सफेद मूसली क्या है

इस सफ़ेद मूसली को कई नामों से जाना इसे सफ़ेद मूसली, धोली मूसली भी कहा जाता है, अंग्रेजी में इसे क्लोरोफ़ायटम बोरीविलिनम (chlorophytum borivilianum)  कहा जाता है और देश दुनिया में सफ़ेद मूसली का उपयोग केवल यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए ही नही बल्कि कई सारी बीमारियों जैसे अस्थमा, चर्म रोग, पेशाब संबंधी रोग, पाईल्स तथा मधुमेह के इलाज के लिए उपयोग की जाती है. सफेद मूसली में खास तरह के तत्त्व सेपोनिन और सेपोजिनिन पाए जाते हैं और इन्हीं तत्त्वों की वजह से ही सफेद मूसली एक औषधीय पौधा कहलाता है.

असली सफेद मूसली की पहचान कैसे करें?

सफ़ेद मूसली की खेती भारत में कुछ ही प्रदेशों में की जाती है जिसमे मध्यप्रदेश, राजस्थान, पंजाब और तमिलनाडु मुख्य है. और इसकी खेती बहुत कम मात्रा में की जाती है. और ये एक साल में एक ही बार बोया जाता है, जिसमें पौधे की ऊंचाई लगभग 40-50 सेंटीमीटर तक होती है.

जमीन के भीतर मौजूद जड़ें मांसल होती है जिसकी लंबाई 8-10 सेंटीमीटर तक होती है. और पहले इन जड़ों का रंग सफ़ेद नही होता है जब ये तैयार होती है तो ये जड़ें भूरे रंग की हो जाती हैं. जिसके बाद इन जड़ों के ऊपर छिलका निकाला जाता है. और ये जड़े सूखने बाद सिकुड़ जाती है एवं इनका भूरे रंग से सफ़ेद हो जाता है.

सफेद मूसली के फायदे पुरषों के लिए

कुछ लोगों का यह मानना है कि ये सफ़ेद मूसली केवल यौन शक्ति को बढाती है लेकिन ऐसा नही क्योंकि ये केवल यौन शक्ति को नही बढाती है बल्कि कई शरीर के कई रोगों को ठीक करने में मदद करती है. यदि किसी को अस्थमा या चर्म रोग है तो ये उसे भी ठीक करने के काम आती.

बवासीर और यूरिन से संबंधीत रोगों को दूर करने में भी सहायक है. जिन व्यक्तियों की हड्डियों में समस्या है ये जिनकी हड्डियों में कमजोरी और मांसपेशियों की कमजोरी को भी सफ़ेद मूसली के सेवन से दूर किया जा सकता है. ये एक आयुर्वेदिक दवा के रूप में ही नही बल्कि यूनानी, होम्योपैथिक और एलोपैथी दवा के रूप में भी सफ़ेद मूसली का ही इस्तेमाल किया जाता है.

सफेद मूसली के फायदे पुरषों के लिए

सफ़ेद मूसली में काम उत्तेजना को बढ़ाने का गुना पाया जाता है, और ये मर्दों के आंतरिक अंगों को स्वस्थ और जवान बनाये रखने में मदद करता है. एवं पुरषों के स्पर्म यानि शुक्राणु की संख्या को बढ़ते है. जिन पुरषों का विवाह हो चूका है उन के वैवाहिक जीवन में यौन सम्बन्ध के लिए विशेष रूप से इसका उपयोग फायदेमंद होता है. पुरुषों के लिए यह वीर्य वर्धक, शुक्राणु वर्धक तथा शक्ति वर्धक होती है.

यौन संबंधी विकार को दूर करने के लिए सफ़ेद मूसली

जिन पुरषों का वीर्य बहुत पतला है या फिर सम्भोग के दौरान जिन पुरषों का शीघ्रपतन (premature ejaculation) हो जाता है एवं अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) और लिंग में तनाव की कमी (erectile dysfunction) जैसी कोई भी समस्या है तो उसे दूर करने में सफ़ेद मूसली बेहद असरदार है.

सफ़ेद मूसली आपके वीर्य उत्पादन (semen production) की शक्ति को बना देता है एवं वीर्य को गाढ़ा बनाने में भी मदद करता है. वीर्य की गुणवत्ता बढ़ाने में सफ़ेद मूसली लाभकारी है. क्योंकि इसके उपयोग से वीर्य के शुक्राणु की संख्या बढ़ जाती है जिससे लिंग से निकलने वाले शुक्राणु की गतिशीलता बढ़ती है.

स्वप्नदोष एवं वीर्य में स्खलन को दूर करने के सफ़ेद मूसली का सेवन करें

जो व्यक्ति अश्लील फिल्मे एवं किसी भी तरह के अश्लील वार्तालाप करते है तो उनका वीर्य अपने आप ही बाहर निकलने लगता है. एवं यदि शरीर में पित्त और वात बढ़ने लगे तो भी स्वप्नदोष हो जाता है. पित्त दोष और वात दोष रोगों के इलाज के लिए सफ़ेद मूसली एक कारगर दवा है एवं इसे रोजाना खाने से मांसपेशियों में ताकत आती है. इसी के कारण स्वप्नदोष भी मिट जाता है. शरीर होने वाली कमजोरी को भी दूर करने में मदद करता है.

स्वप्नदोष को दूर सफ़ेद मूसली

महिलाओं के लिए फायदेमंद है सफ़ेद मूसली

बांझपन को दूर करे सफ़ेद मूसली – महिलाओं के लिए बच्चे न पैदा कर पाना एक गंभीर समस्या क्योंकि ये बहुत ज्यादा दुखद होता है जब लोग इस बात को लेकर उन्हें ताने देते है. लेकिन आयुर्वेद में हर समस्या का समाधान है जिसे बहुत ही आसानी से दूर किया जा सकता है.

यदि महिलाओं को रोजाना सफ़ेद मूसली दी जाएँ तो उनकी शारीरिक शक्ति का विकास होता है एवं जिन महिलाओं की सेक्स के प्रति रूचि समाप्त हो रही होती है. जिसका कारण बदन में कमजोरी थकान, योनि में स्राव की कमी के कारण जलन होती है. सफ़ेद मूसली इन सभी समस्याओं को दूर करके उन्हें मजबूत बनाता है.

गर्भावस्था में सफ़ेद मूसली के फायदे

जो महिलाएं पेट से या गर्भ से उन के लिए सफ़ेद मूसली बहुत ही गुणकारी है. क्योंकि सफ़ेद मूसली में प्रबल पोषक टॉनिक होता है जो  गर्भावस्था के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों को ही सेहतमंद बनाये रखता है. एवं जिन महिलाओं में स्तनपान कराने में दूध की कमी होती है.

सफ़ेद मूसली से दूध की कमी दूर किया जा सकता है एवं नवजात शिशु की माँ के स्तन में दूध की वृध्दि होती है, जो शिशु के लिए जरूरी पोषक तत्व दूध में आ जाते है जिससे महिला और शिशु दोनों सेहतमंद होते है. एवं उन्हें किसी भी तरह की कमजोरी का भी सामना नही पड़ता है.

गर्भावस्था में सफ़ेद मूसली के फायदे

श्वेत प्रदर या सफ़ेद पानी को रोकने में मदद करे सफ़ेद मूसली – जिन युवतियों को श्वेत प्रदर (Likoria) या सफ़ेद पानी आने की समस्या है या जिनका मासिक धर्म ठीक से नही हो रही है उनके के लिए सफ़ेद मूसली वरदान है क्योंकि माहवारी की समस्या को दूर करने में मदद करता है.

 योनी से आने वाले बदबू को दूर करने में मदद करता है और जो सफ़ेद द्रव योनी से निकलना शुरू हो जाता है उसे रोकने में सफ़ेद मूसली बहुत ही फायदेमंद है क्योंकि ये निकलने वाले तरल को गाढ़ा बनाने में मदद करता है और बीमारियों से लड़ने में भी मदद करता है.

प्रतिरक्षा तन्त्र को मजबूत बनाये सफ़ेद मूसली

लोगों के बीमार होने का मुख्य कारण है ख़राब और बिना पोषकतत्व यूक्त खानपान क्योंकि जंक फ़ूड में पोषकतत्व नही होते है और ज्यादतर लोग जंक फ़ूड का सेवन करते हैं. जिससे शारीरिक कमजोरी आती है और प्रतिरक्षा तंत्र भी प्रभावित होता है.

सफ़ेद मूसली शक्तिशाली ऊर्जावर्धक है जिसका उपयोग शारीरिक शक्ति को बढ़ाना होता है. ये आपके हारमोंस को उत्तेजित करने के साथ साथ उनकी शक्ति को बढ़ा देता है. और प्रतिरक्षा तन्त्र (Immune System) मजबूत होने से पाचन तन्त्र में सुधार आता है.

पेट में दर्द या पेट से जुडी समस्याओं को दूर करने के लिए पाचन तन्त्र का मजबूत होना बहुत जरूरी होता है. सफ़ेद मूसली के सेवन से पाचन तन्त्र में सुधार होता है जिसे खाया हुआ खाना ठीक तरह से पच जाता है जिससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल जाते है. और बीमारीओं से लड़ने की शक्ति भी मिल जाती है.

मधुमेह और मोटापे को ख़त्म करे सफ़ेद मूसली

जिन लोगों का वजन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. एवं ज्यादा वजन बढ़ने से मधुमेह रोग हो जाता है और मधुमेह को ख़त्म करने के लिए वजन को घाटाना बहुत जरूरी है और सफ़ेद मूसली के सेवन से वजन को कम किया जा सकता है.  क्योंकि सफ़ेद मूसली शरीर में मौजूद फालतू वसा कम करने के मदद करता है.

मधुमेह और मोटापे को ख़त्म करे सफ़ेद मूसली

जिसके कारण शरीर का मोटापा कम होता है और सफ़ेद मूसली के सेवन से शरीर में इंसुलिन (insulin) की मात्रा बढ़ती है जो मधुमेह की समस्या को दूर करने में मदद करता है और मधुमेह ग्रस्त व्यक्तियों को सेक्स करने में भी बहुत आसानी होती है.

सफेद मूसली खाने के तरीके क्या है?

कुछ लोग सफ़ेद मूसली को खाने के लिए दूध का इस्तेमाल करते है क्योंकि ये बहुत ज्यादा चिपकने वाली जड़ है और दांतों को बीच में बहुत ही जल्दी फंस जाती है और कई सारे तरीके से आप सफ़ेद मूसली का सेवन कर सकते है ज्यादा फायेदे के लिए इस पोस्ट कुछ तरीके बताये गए है जिससे सफ़ेद मूसली खाने का असली फायदा आपको मिलेगा.

सफेद मूसली खाने उम्र के अनुसार खानी चाहिए क्योंकि अलग अलग उम्र और कद काठी के लोगों पर ये अलग अलग असर करती है और इसे खाने से हमारी भूख पर असर पड़ता है और ये भूख को बढ़ाने में मदद करता है इसलिए यदि बच्चों को सफ़ेद मूसली देना है तो 1 ग्राम से उससे थोड़ी सी ज्यादा सफ़ेद मूसली दें.

किशोरावस्था में दूध में 1.5 से 2 ग्राम सफेद मूसली मिलाकर पीना चाहिए इससे शरीर में फुर्ती आती है और नौजवान एवं वयस्क लोग  6 ग्राम से ज्यादा सफ़ेद मूसली न खाएं क्योंकि ज्यादा मूसली खाने से नुकसान हो सकता है और बुजुर्गों को जिनकी उम्र 60 बर्ष से ज्यादा है वे भी 2 से 3 ग्राम ही सफ़ेद मूसली खाएं एवं महिला जो गर्भवती है 1 से 2 ग्राम सफेद मूसली खानी चाहिए.

रोजाना सुबह शाम सफ़ेद मूसली का सेवन करने से ज्यादा लाभ होगा और इसका सेवन केवल दूध साथ ही करें तभी ये ज्यादा फायदा पहुचायेगा. भूख न लगने पर आप एक गिलास दूध में एक ग्राम सफ़ेद को डाल कर इसका सेवन आपकी भूख भी जायेगी और शरीर भी तंदुरुस्त हो जायेगा. सफ़ेद मूसली उतनी ही लें जितनी आप पचा सकें.

सफेद मूसली के सेवन से होने वाले नुकसान

सफेद मूसली का सेवन करना सबसे ज्यादा सुरक्षित है और इसको खाने का कोई साइड इफ़ेक्ट भी नही लेकिन इसको ज्यादा खाने से आपको नुकसान हो सकते है. हैवी डोज़ लेने से पाचन तन्त्र प्रभावित होता है और इसको पचना बहुत मुस्किल होता है इसलिए यदि आप सफ़ेद मूसली के डोज़ की मात्रा का पता नही लगा सकते है. तो आप बाज़ार में मिलने वाले सफेद मुसली के केप्सूल, या सिरप को लें तो आप के लिए फायदेमंद होगा.

सफ़ेद मूसली एक औषधि है जिसका बांझपन, शीघ्रपतन, वीर्य में शुक्राणुओं की कमी, स्तंभन दोष, नपुंसकता और स्त्रियों के यौन रोग जैसे रोगों को दूर करने में मदद की है ये बहुत ही उपयोगी है इसलिए सही मात्रा में इसका सेवन करें और इससे होने वाले नुकसान से बचें.

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