पैरों में सूजन के कारण, लक्षण, घरेलू उपचार – Foot Swelling Causes, Remedies

पैरों में सूजन – Foot Swelling In Hindi आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी सेहत को लेकर बहुत ज्यादा सतर्क नहीं है और जंहा तक खान पान की बात की जाएँ तो ज्यादातर लोग समय की बचत के लिए जंक फ़ूड का सेवन करते है जिसके कारण उन्हें कई सारी बीमारियों का सामना करना पड़ता है.

मानव के शरीर की कार्य करने की क्षमता होती है जो उनके उनकी शारीरिक स्वस्थता पर निर्भर करती है यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ है तो ज्यादा समय तक अपना काम कर पायेगा. आधुनिक काल में लोगों को कई सारी बीमारियां घेरने लगी है जिसमे कमर दर्द आँखों में जलन और मोटापा जैसी कई समस्यां है लेकिन पैरों में सूजन होना भी एक गंभीर समस्या है.

सूजन का मुख्य कारण

सूजन का मुख्य कारण – Foot Swelling Reason In Hindi

पैरों में सूजन में सूजन कैसे होती है, इसके कारण क्या है? या फिर सूजन क्या है? इन सभी की जानकारी इस पोस्ट में मिल जाएगी. शरीर के किसी में सूजन होना बहुत गंभीर समस्या तो नहीं है फिर इसके बारे में जानना बहुत जरूरी है. डॉक्टरी भाषा में सूजन को एडिमा कहा जाता है.

सामान्यता सूजन का मुख्य कारण शरीर के ऊतकों में द्रव जमा होना होता है, और ये द्रव हमारी त्वचा के नीचे इकट्ठा होने लगता है. और ज्यादातर ये पैरों में होता है क्योंकि शरीर का सारा भर पैरों पर ही रहता है. इसलिए पैरों में सूजन होती है. और पैरों में होने वाली इस सूजन को पीडल इडिमा (Pedal Edema) कहा जाता है.

पीडल इडिमा (Pedal Edema) होने पर पैरों में सूजन आजाती है लेकिन ज्यादातर लोगों को इस समस्या में दर्द नही होता है. क्योंकि ये ज्यादा कष्टदायक नही है. लेकिन जब पैरों में सूजन होती है तो चलने उठने बैठने में तकलीफ़ होती है जिससे दैनिक जीवन में बहुत असर पड़ता है. और पैरों को मोड़ कर बैठने में सबसे ज्यादा तकलीफ़ होती है.

पैरों में सूजन के लक्षण एवं कारण

हमारे पैरों में सूजन क्यों होती है इसके कारण और लक्षणों जानना बहुत जरूरी है इसलिए पहले सूजन होने के कारणों और लक्षणों को जानें.

  1. जब पैरों में या किसी में अंग में सूजन होती है तो उस हिस्से की त्वचा सूजी, चमकदार और खीची हुई दिखाई देती है.
  2. सूजन वाले हिस्सों को दबाने पर वंहा गड्डा पड़ जाये तो इस इडिमा को पीटिंग एडिमा कहा जाता है.
  3. सिर में या पेट में बहुत तेज़ दर्द होना भी सूजन का लक्षण है.
  4. शरीर के वजन का एक दम से घटना या बढ़ना भी मुख्य लक्षण है.
  5. घुटनों एवं आँखों के आसपास पास फूली हुई त्वचा.
  6. शरीर के जोड़ों में बहुत दर्द होना .
  7. बार बार उल्टी आना या फिर उल्टी आने जैसा मन होना.
  8. जो महिलाऐं हाई हिल्स पहनती है उन्हे भी पैरों में सूजन हो जाती है.

पैरों में सूजन का इलाज

पैरों में सूजन का कारण क्या है?

शारीरिक में अंगों में सूजन होने के कारण कई सारे हो सकते है, और शरीर में सूजन होना बेहद आम बात है. अंदुरीनी चोट या बाहरी चोट लगने पर सूजन हो सकती है और भी कई कारण है, जिनमे से कुछ कारण निम्नलिखित है.

लंबे समय तक बैठे रहना – यदि आप किसी ऑफिस या किसी अन्य जगह एसा काम करते है जिसमे आपको एक लम्बे समय तक लगातार बैठे रहना पड़ता है या फिर बहुत ज्यादा समय एक स्थान पर बैठे रहने है तो पैरों में सूजन हो सकती है. कुर्सी या कड़क बेंच पर बैठने से भी सूजन होती है.

क्योंकि ज्यादा समय तक पैर नीचे की झुके हुए या लटके रहने के उन पर प्रथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल लगता है जिसे उनमे बहने वाला लिक्विड नीचले हिस्से में भर जाता है और धीरे धीरे पैर सूजने लगते है और सुबह तक ये बिलकुल ठीक हो जाते है.

प्रेगनेंसी में पैरों में सूजन आना | Foot Swelling In Pregnancy In Hindi

Pregnancy me pairo me swelling गर्भावस्था में पैरों में सूजन होना आम बात है, क्योंकि जब महिला गर्भवती होती होते है तो उसके गर्भ का आकार बढ़ता है जिसके कारण गर्भ के आसपास की मांसपेसियों में दबाव भी बढ़ जाता है जिससे रक्त और तरल पैरों की ओर ज्यादा तेजी से बहने लगता है जिससे पैरों में सूजन आ जाती है.

foot swelling during pregnancy

गर्भावस्था के 7 वें महीने के दौरान पैरों में सूजन

प्रिय सहेली वेसे तो गर्भ धारण करने के बाद कभी भी पैरों में सूजन आने के लक्षण दिखाई डे सकते हैं. आमतौर पर ये गर्भावस्था के 7 वें महीने के दौरान पैरों में सूजन देखेने को प्रायः मिलती है. हालांकी ये कोई बुरा रोग नहीं है. गर्भावस्था के समय पेरों में सूजन आना स्वभाविक है. क्योंकी उन दिनों में आपके शरीर में कुछ तरल पदार्थों और रक्त की मात्रा का स्तर सामान्य से कुछ अधिक बढ़ जाता है. जो की भ्रूण को विकास करने में मदद करते हैं.

दवाइयों के ज्यादा इस्तेमाल से: कुछ लोग बीमारी के दौरान बहुत ज्यादा दवायों का सेवन करते है और जिससे शरीर में मोटापा और गर्मी होने लगती है. एवं कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव के कारण भी पैरों में सूजन होने लगती है. ब्लड प्रेसर को कण्ट्रोल करनी वाली दवाएं नॉन स्टेरॉयडल एंटी-इन्फ्लामेट्री आदि के कारण सूजन हो आ जाती है.

यदि आप भी इस तरह की समस्या से छुटकारा पाना चाहते है तो इन दवायों का सेवन कम करें क्योंकि ये ब्लड के संचरण के प्रभाव डालते है इसलिए आप इनके एंटी दवायों का सेवन करें लेकिन बिना किसी जानकारी के या बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें और न ही किसी को करने दें.

त्वचा में एलर्जी और संक्रमण के कारण पैरों में सूजन आना

एलर्जी और संक्रमण – यदि आपको किसी भी प्रकार का त्वचा रोग या फिर आप की उम्र बहुत ज्यादा है तो आपको पैरों में सूजन होना आम बात है लेकिन यदि आपको और यदि आपका वजन ज्यादा है या फिर आम मोटे है तो पैर में, टकने में और पंजों में सूजन हो सकती है. Foot Swelling In Diabetes

जिन लोगों को सूजन हो रही है उनके किडनी में यदि कोई समस्या है तो उन्हें पैरों में सूजन हो जाती है क्योंकि लीवर रक्त का शुद्धिकरण करने के लिए होती है और यदि यही ख़राब हो जाएँ या प्रभावित हो जाएँ तो सूजन ही नही बल्कि कई तरह की गंभीर बीमारी हो सकती है इसलिए तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ.

हार्ट पेशेंट को पैरों में सूजन की समस्या

ह्रदय के मरीजों में – हार्ट पेसेंट को अक्सर इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है क्योंकि जिन व्यक्तियों को ह्रदय से सम्बंधित कोई भी समस्या या जिन लोगों का दिल कमजोर होता है, उनका रक्त पूरे शरीर में ठीक से संचर्रित नही होता है क्योंकि हर्दय ही रक्त को पंप करने का कार्य करता है.

और शरीर की रक्त वाहिकाओं से द्रव बाहर निकलकर त्वचा के उन ऊतकों में जाने लग जाता है, जंहा सूजन हो रही है. और ये ह्रदय रोगियों के लिए जानलेवा हो सकती है, और इसका मुख्य कारण ठीक तरह से इलाज न होना है.

खून की कमी के कारण सूजन का होना

रक्त संबंधी समस्या –किसी व्यक्ति के खून में में प्रोटीन की कमी है या फिर रक्त में एल्बुमिन (albumin) नाम का प्रोटीन होता है, जो रक्त वाहिकाओं को द्रव अपने अंदर रखने में मदद करता है. अगर एल्बुमिन की मात्रा कम हो तो रक्त वाहिकाओं से द्रव रिसने लगता है और पैरों में सूजन आ जाती है.

जिन लोगों के पैरों में रक्त का थक्का जमा हुआ है उन्हें पैरों में सूजन होती है और जिन लोगों के कभी पैर के किसी हिस्से में चोट लगी या फिर कभी फ्रेक्चर हुआ है, तो उनके पैरों में इस तरह रक्त के थक्के जम जाते हैं, और उनकी टांगों में सूजन की समस्या भी होने लग जाती है.

पैरों में सूजन का इलाज और उपचार

किसी भी व्यक्ति के पैरों में लम्बे समय से सूजन बनी हुई है तो उस व्यक्ति को अपने शरीर की जांच करना चाहिए है. क्योंकि शरीर में कंही पर भी तुम्बर है तो उसके कारण रक्त वाहिनियों पर दबाव बनता है जिससे सूजन होने लगती है है इसलिए शरीर का एक्सरे या अन्य जांच करा लें.

exercise for sweating

 

अपने पैरों को हिलाते रहे – ऑफिस में काम करते समय या एक जगह ज्यादा देर तक बैठते समय अपने पैरों को हिलाते झुलाते रहे क्योंकि इससे उनमे ब्लड का संचरण ठीक तरह से होता है. या फिर आपके टांगों में पहले से सूजन है तो सूजे हुए पैर को भी हिलाते रहे है इससे वो जल्दी ठीक हो जायेंगे.

ह्रदय से खून पूरे शरीर में पहुंचता है और शरीर में मूवमेंट होने से रक्त का प्रवाह सही से होता है और सूजन कम हो जाती है. और एसा लगातार करने से रक्त वापस हृदय की तरफ जाने लगता है और इससे सूजन में आराम मिलता है. ये बेहद आसान और बिना खर्च वाला इलाज है इसे करें लेकिन ज्यादा दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

प्रभावित हिस्से को कुछ समय के लिए ह्रदय से ऊपर रखें

सूजे हुए अंग को ऊपर की ओर रखें – आप को चलने में समस्या हो रही है या फिर ज्यादा समय ने अपने प्रभावित हिस्से को लटका के रखते है तो उस अंग  रक्त ह्रदय तक ठीक से पहुँच नही पाता है जिससे सूजन को कम होने में ज्यादा समय लगता है.

पैरों में सूजन के लक्षण

सूजन को कम करने के लिए आप प्रभावित हिस्से को कुछ समय के लिए ह्रदय से ऊपर रखें जिससे रक्त ह्रदय तक पहुँच सकें इसके लिए आप अपने पैरों के नीचे तकिया या फिर किसी मुलायम कपड़े आदि पर पैरों को थोड़ी देर तक रख कर आराम करें ये उपाय सूजन को कम करने में मदद करेगा.

पैरों में सूजन का घरेलू इलाज

मालिश से फायदा –  आप सूजे हुए हिस्से की रोजाना नारियल के तेल से मालिश करवाएं इससे आपको बेहद फायेदा होगा. लेकिन मसाज हल्के हल्के दबाव से करनी चाहिए क्योंकि इससे उस प्रभावित अंग में जमा हुआ द्रव निकलता है जिससे सूजन में आराम मिलता है.

massage For Feet

किसी चोट या फ्रेकचेर के कारण सूजन आ गई तो मसाज करने से बचें क्योंकि ये उस अंग की त्वचा में तनाव पैदा होता है जिससे बहुत दर्द होता है. और मसाज करने या दबाव डालने से पहले जुराब, मोजे, दस्ताने या स्लीव आदि पहनें. क्योंकि ये सूजन को और आगे बढ़ने से रोकते हैं. और उतकों में जमा द्रव भी निकलता है और वंहा द्रव का जमाव भी कम हो जाता है.

सूजन को कम करने कई उपाय है लेकिन मसाज करते समय कुछ सावधानियां रखें जैसे मसाज करने से ये देख लें की मरीज ने सूजन से प्रभावित क्षेत्र को साफ किया है या नही और सूजे हुए हिस्से पर मॉइस्चराइज और किसी भी प्रकार की चोट तो नही है क्योकिं कटी-फटी त्वचा में संक्रमण जल्दी फैलता है इसलिए प्रभावित अंग को हमेशा ढक कर रखें.

व्यायाम से करने पैरों की सूजन को दूर

नियमित व्यायाम – बीमारी होने पर अपने खान पान का सम्पूर्ण ध्यान रखें और अपने खाने में नमक का इस्तेमाल कम करें या फिर करें ही नही क्योंकि ये द्रव की गति को बढाता है जिससे सूजन बढ़ जाती है और जंहा हो सके खारेपन वाले खाने का ना खाएं.

Tips For swelling in legs

खानपान के अलावा नियमित रूप व्यायाम करें. क्योंकि योग और व्यायाम करने से बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकता है और इसके लिए आपको ज्यादा समय भी नही देना नही पड़ता और इस उपाय को रोजाना करने से आपका शरीर जीवन भर के लिए फिट और फायन रहता है.

सूजन होने पर सावधानी रखें

पैरों में सूजन होने पर अपने पैरों को दबाव को बदलते रहें अर्थात एक पैर पर ज्यादा वजन न डालें वजन को बदल बदल कर दोनों पैरों के पंजों और एड़ियों पर डालें. और व्यायाम करने से आपका बढ़ा हुआ वजन भी कम हो जाता है. सूजन होने ज्यादा समय तक एक जगह तक बैठे या खड़े ना रहें.

जब आप कोई सफ़र कर रहें हो तब सफ़र के दौरान खड़े न रहें और थोड़ा बहुत चलते रहें. ज्यादा गर्मी बढ़ने पर टांगों को बचाएं, और गर्म पानी से नहाये नही यदि मौसम सर्दियों का है तो उस मौसम में गर्म कपड़े पहन कर रखें. और मरीज को दिनभर में ज्यादा से ज्यादा बार लेटना चाहिए. लेटते समय प्रभावित अंग को ह्रदय से हमेशा ऊपर करके के लेटें.

HealthTipsInHindi is now Officially in English, Go to Viral Home Remedies For Latest Health Tips , Remedies and Treatments in English