कॉपर टी कैसे लगाया-निकाला जाता है यहाँ देखें – Copper T In Hindi

कॉपर टी क्या है?  आजकल सभी लोग अपने आप को सक्सेसफुल बनाने के होड़ में लगे हुए और शिक्षित लोग जब आपस में शादी करते है तो उन्हें बहुत जल्दी संतान की कामना नही होती है लेकिन सम्भोग को त्याग नही सकते है इसलिए कई सारे दम्पति अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कई तरह प्रयोग करते है.

और अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए आजकल कई सारें विकल्प है जिन्हें वो आजमाते है. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए ज्यादातर लोग कॉपर टी का इस्तेमाल करने लगे और ये काफी प्रचलन में आ गई है. और इस उपकरण की मदद से कई सारी महिलाएं अपने अनचाहे गर्भ को रोकने में उपयोग करती है. क्योंकि ये बहुत ही प्रभावी उपाय है.

कॉपर टी लगाने की विधि

लेकिन कुछ महिलाओं में कॉपर टी को लेकर डर रहता है कि ये सुरक्षित है या नही इसके कोई दुष्परिणाम तो नही है या फिर ये कितने तक काम करती है इसे किस तरह इस्तेमाल करना है इन सभी की जानकारी इस पोस्ट में दी गई है. ये जानकारी उन सभी आशंकाएं को दूर कर देगी जो महिलायों के मन में होती है.

कॉपर टी क्या है? और इसका कितना दाम है

कई महिलाएं जो अनचाहे गर्भ से बचने के लिए तरह तरह के प्रयोगों को करती है जिसमे गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन बहुत ज्यादा करती है लेकिन गर्भ को रोकने के लिए कॉपर टी का इस्तेमाल सबसे बेहतर है. कॉपर टी प्लास्टिक और तांबे से बनी हुए टी आकार का एक छोटा सा उपकरण होता है. जिसको महिला के गर्भाशय में लगाया जाता है.

लेकिन इसका इस्तेमाल पहली बार माँ बनने के बाद इस्तेमाल किया जाता है. और जब महिला को लगे कि उसे गर्भ धारण करना है तो वो इसे आसानी से निकाल भी सकती है. ये परमानेंट तरीका नही है परन्तु इसकी मदद महिलायें लम्बे समय तक अनचाहे गर्भ को रोक सकतीं हैं.

कॉपर टी प्राइस

और सबसे खास बात ये है कि इसका मूल्य बहुत ही कम होता है. जो अन्य गर्भनिरोधी उपाय की तुलना बहुत सस्ता और प्रभावी है. और कॉपर टी का मूल्य उसकी क्वालिटी पर निर्भर करता है. अच्छी क्वालिटी की कॉपर टी महज़ 400-500 रूपए में आ जाती है जबकि लो क्वालिटी की कॉपर टी 200-250 रूपए तक आपको ऑनलाइन या बाज़ार में मिल जाती है.

क्या कॉपर टी सुरक्षित है ?

एक सर्वे के दौरान महिलायों से पुछा गया कि कॉपर टी के विषय महिला डॉक्टर्स क्या सलाह देती है क्या इसे इस्तेमाल करना सुरक्षित है ? तो महिला रोग विशेषज्ञ का मानना है कि गर्भ को रोकने के लिए ये सबसे बेहतर है. लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें ये गर्भ निरोधक गोलियों और अन्य तरीकों से सबसे ज्यादा सुरक्षित उपाय है.

इसके इस्तेमाल के बाद यदि महिला गर्भधारण करना चाहे तो वो आसानी से कर सकती है. क्योंकि कॉपर टी में हार्मोन नही होते है. और ये यह महिलाओं के मासिक धर्म चक्र या पीरेड्स को भी इफेक्ट नही करती है. जबकि गर्भ नियंत्रण के कई अन्य तरह के हार्मोनल विकल्प मासिक धर्म को अनियमति कर देते हैं.

मल्टीलोड कॉपर टी

इस उपकरण को गर्भ निरोधक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. और सबसे कारगर माना जाता है. क्योंकि इसकी समयावधि बहुत ज्यादा है इसे दस साल तक के उपयोग के लिए बनाया गया है लेकिन महिलायें इसे अपने गर्भाशय में लगातार पांच साल तक लगा सकती है. और जब भी गर्भ धारण करना हो तो आसानी से निकाल भी सकती है.

कॉपर टी कार्यविधि क्या है?

उपरोक्त जानकारी के अनुसार आपको को जानकारी की होगी कि कॉपर क्या है लेकिन ये काम कैसे करती है इस बारे में भी आपको सम्पूर्ण जानकारी दी जाएगी. कॉपर टी को गर्भाशय में लगाने के बाद ही इसका काम शुरू हो जाता है. टी के आकार में बने इस उपकरण के चारों ओर लिपटा कॉपर गर्भाशय को प्रभावित करता है और जिससे आप गर्भधारण नहीं कर पाती हैं.

इस उपकरण का कॉपर गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय के अन्य तरल के साथ मिलकर उसमें कॉपर यानि तांबे की मात्रा को बढ़ा देता है. कॉपर की अधिक मात्रा के कारण यह द्रव शुक्राणुनाशक के रूप में काम करता है. जिससे गर्भाशय में पहुंचने वाले शुक्राणु इसके संपर्क में आने के बाद नष्ट हो जाते हैं.

कॉपर टी सुरक्षित है

शुक्राणुओं के नष्ट होने से महिलाओं में ओवुलेशन के तहत बनने वाला अंडा निषेचित नहीं हो पाता है और इससे महिला प्रेग्नेंट नहीं हो पाती है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह 99 प्रतिशत तक प्रभावी होती है, कॉपर टी गर्भनिरोधक के अन्य तरीकों में सबसे प्रभावी तरीका है.

यदि आप प्रेगनेंट होना चाहती है तो इस कॉपर को निकाल दें. लेकिन कॉपर टी की समयावधि उसकी क्वालिटी पर निर्भर होती है यदि वो अच्छी क्वालिटी की है तो आप इसे पांच से लेकर दस सालों तक इसका इस्तेमाल कर सकती है लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार इसे केवल पांच साल तक इस्तेमाल में लाना चाहिए. शीघ्र स्खलन का घरेलू इलाज यहाँ देखें

इस्तेमाल करने की विधि क्या है?

कॉपर टी के दो हिस्से ऊपर के तरफ और एक हिस्सा नीचे के ओरहोता है ये दिखने में लगभग टी के आकार की होती है और इसके उपरी दोनों ऊपरी छोरों को नीचे की ओर झुकाकर उसको एक पतले पाइप में डाल दिया जाता है. इसके बाद इस पाइप को महिला की योनि से गर्भाशय में डाल दिया जाता है.

फिर उस पाइप को धीरे धीरे बाहर की तरह खिंचा जाता है. और जब पाइप बाहर निकाल लिया जाताहै तो कॉपर टी का उपरी दोनों छोर खुलकर अपने सही आकार में फिट हो जाता है. यदि किसी महिला की योनी बड़ी है या फिर छोटी है तो कॉपर टी को डॉक्टर आपके गर्भाशय या योनी के आकार के अनुसार कॉपर टी के आकार को चुनते है.

कॉपर टी कैसे डालते हैं

और ये एक बार सही तरीके से यदि योनी में फिट हो जाये तो सालों तक बिना हिले रहते है. लेकिन इस का इस्तेमाल आप बिना डॉक्टर्स की सलाह लिए न करें. कॉपर टी निकालने के लिए भी आप डॉक्टर के पास ही जाएँ क्योंकि इस तरह के उपकरणों के इस्तेमाल के लिए अनुभव की आवश्यकता होती है. बाल झड़ने से कैसे रोकें

गर्भाशय में कॉपर टी कैसे लगाई जाती है?

यदि आप कॉपर टी को अपने गर्भाशय से निकलना चाहती है तो इसे निकालने के तरीके भी इस पोस्ट में है. कॉपर टी निकालने का सबसे बेहतर और आसन तरीका यह है कि  इसको आप अपने डॉक्टर की मदद से निकालें. लेकिन गर्भ धारण करने केलिए आपको कम सेकम एक महीने तक इंतज़ार करना होगा तभी आपकी योनी और गर्भाशय गर्भाधारण करने लायक  हो पायेगा.

कॉपर टी कैसे निकाले

इस कॉपर टी की संरचना टी नुमा स्प्रिंग के सामान होती है जिसके नीचे के छोर पर एक बेहद पतला धागा होता है जिसे आप धीरे से खींचती है तो ऊपर के दोनों हिस्से सिकुड़ कर एक रेखा में आप जाते है फिर आप इसे योनी से बाहर निकाल सकती है. लेकिन इस धागे को खींचने के लिए आपको चिमटी का इस्तेमाल करना होगा.

क्योंकि डॉक्टर्स भी चिमटी का ही इस्तेमाल करते है.  और इस कॉपर टी को निकलते समय योनी में दर्द होता है कुछ महिलायों को ब्लीडिंग यानी खून आने जैसी समस्या भी हो जाती है. योनी से ख़ून मासिक धर्म की तरह नही निकलता है. और इसे निकलते समय खून निकलना बेहद आम बात है इसको लेकर ज्यादा चिंतित न हों.

कॉपर टी लगाने के फायदे एवं नुकसान

इस उपकरण का इस्तेमाल करने से कई सारे फायदे है और ये सबसे ज्यादा प्रभावी तरीका है गर्भानिरोध करने के लिए.

  • कॉपर टी में हार्मोन नहीं होता है,  और यदि आप गर्भनिरोधक दवायों का भी इस्तेमाल करती है तो ये उन दवायों के साथ किसी भी तरह की कोई भी क्रिया नहीं करती है. इस लिए इसे सुरक्षित माना जाता है.
  • ये महिलायों को तनाव मुक्त करने सबसे आसान तरीका है क्योंकि अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए महिलाएं तनाव में आजाती है लेकिन इसके लम्बे समय तक प्रभावी होने के कारण ये ज्यादा लाभदायक है.
  • इसके इस्तेमाल करते समय आप अपनी मर्ज़ी के अनुसार प्रेग्नेंट होना चाहे तो इसे आसानी से निकाल भी सकती है.
  •  ज्यादा समय तक गर्भनिरोध के लिए ये सबसे सस्ता और सुरक्षित उपाय है.

कॉपर टी लगाने के फायदे एवं नुकसान

हर वस्तु जो प्रकृति या विज्ञान ने बनाई है उसके फायदे भी है और नुकसान भी उसी तरह कॉपर गर्भ निरोध के सबसे अच्छी खोज है लेकिन इसके ज्यादा इस्तेमाल के भी नुकसान है.

  • गर्भाशय से ख़ून निकलना – कई महिलाओं को कॉपर टी लगाने के बाद बार-बार रक्त स्त्राव होने की समस्या का सामना करना पड़ता है. सामान्यतः यह समस्या महिलाओं में कॉपर टी लगाने के शुरूआती दौर में सामने आती है. इसके अलावा कुछ महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान पेट के निचले हिस्से में ऐंठन होने की समस्या हो जाती है। मासिक धर्म में होने वाली सामान्य ऐंठन से यह परेशानी अलग होती है. इस दर्द में आप दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर सकती हैं.

कॉपर टी से कोई नुकसान

  • योनी में संक्रमण होना –  कुछ महिलाएं ऐसी होती है जिन्हें धातुओं यानी मेटल से एलर्जी होती है, या फिर तांबे से भी एलर्जी होती है उनके शरीर में कॉपर टी लगाने से योनी या गुप्तांग में रैशेज या खुजली आदि जैसी समस्या हो सकती है. लेकिन, सभी महिलाओं में ये एलर्जी की दिक्कत नही है ये बेहद कम महिलाओं को देखा गया है और यदि आप संक्रमण को दूर करना चाहती है या फिर संक्रमण से बचने का सबसे बेहतर उपाय यही है इस कॉपर टी निकाल दें. लेकिन आप चिंता न करें क्यूंकि गर्भ निरोधक अन्य तरीकों का इस्तेमाल करें.
  • कॉपर टी का अचानक बाहर निकलना – कुछ महिलाओं ने इस कॉपर टी को लेकर अपनी समस्या जताई है और उन्होंने बताया है कि कॉपर टी खुद-ब-खुद योनी से बाहर आ जाती है. कॉपर टी लगाने के शुरू के कुछ दिनों तक ही ऐसी समस्या सामने आती है. बच्चे को जन्म देने के तुरंत बाद या पहले कभी प्रेग्नेंट न होने वाली महिलाओं में इस तरह की परेशानी देखने को मिलती है.

गर्भाशय में संक्रमण होना

  • गर्भाशय में समस्या होना –  कई बार कॉपर टी को लगाने के दौरान महिलाओं के गर्भाशय में खरोंच लग जाती है. इसके अलावा कुछ मामलों में महिलाओं के गर्भाशय में गंभीर चोट भी आ जाती है. जिसके कारण गर्भाशय की परत क्षतिग्रस्त हो जाती है या उसमें से खून आने लगता है. इस स्थिति में यदि कॉपर टी को तुरंत नहीं निकाला जाए तो यह गर्भाशय में गंभीर संक्रमण का कारण बन सकती है.
  • कॉपर टी से यौन संक्रमण से बचाव नहीं होता – कॉपर टी को लगाने के बाद भी महिलाएं यौन संक्रमण से बच नही पाती है वो इस यौन संक्रमण का शिकार हो सकती हैं. इसलिए कॉपर टी लगाने के बाद भी यौन संक्रमणों से बचाव करना बेहद जरूरी होता है.अपने पार्टनर को कंडोम उपयोंग करने की सलाह दें.

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