Banyan Tree Milk Benefits In Hindi | बरगद के दूध के फायदे, प्रयोग कैसे करें

Banyan Tree Milk Benefits In Hindi, बरगद का दूध: बरगद के पेड़ को तो सभी जानते हैं. दोस्तों भारत में कई जगह इसको वट वृक्ष कहा जाता है. अंग्रेजी इसे Banyan Tree बोलते हैं इस पेड़ में बढे चमत्कारी गुण मौजूद हैं और इसका पेड़ का तना, उसकी छाल और, पत्ते, और फल यहाँ तक की इसका दूध सब बहुत ही काम के चीज़ें हैं. बरगद का पेड़ मानव शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. अलग अलग बीमारियों में इस पेड़ के सभी अंग काम आते हैं. इसके सेवन से इंसान के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है. इससे आपको बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है.

Banyan Tree Milk Benefits In Hindi

बरगद के पेड़ से निकलता हुआ दूध

आज आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताया जायेगा कि आप किस तरह से बरगद के पेड़ के तने, छाल और इसके पत्तों व् दूध के सेवन से अपने विभिन्न रोगों का इलाज कर सकते हैं.

बरगद के दूध को अधिकतर शीघ्रपतन, स्वप्नदोष, मरदाना कमज़ोरी, शारीरिक व यौन दुर्बलता जैसे रोगों को दूर करने के लिए उपयोग में लाया जाता है.

इसकी छाल त्वचा सम्बन्धी रोगों को ठीक करने में उपयोग किया जाता है. जैसे

  • कील, मुहांसे
  • दाद, खाज, खुजली
  • फोड़े, फुंसी
  • विभिन्न प्रकार के चर्म रोग
  • यौन रोगों के उपचार के लिए
  • महिलाओं के मासिक धर्म के लिए

बरगद के पेड़ के बारे में जानकारी और इसका महत्व

Banyan Tree Uses in Hindi

Banyan Tree

बरगद के पेड़ का परिचय: दोस्तों भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो बरगद के पेड़ को न जानता होगा.

इस विशाल वृक्ष को लगभग हर किसी ने देखा होगा. हमारे भारत में इसको वट वृक्ष, और ‘बड़’ या ‘बरगद का पेड़’ के नाम से भी जानते हैं.

बरगद के पेड़ को हमारे यहाँ बहुत पवित्र माना गया है. विशेषतौर पर बरगद के पेड़ की हिन्दू धर्म के कुछ पर्व या तीज, त्योहारों पर इसकी पूजा की जाती है.

बरगद का पेड़ एक बहुत ही बड़ा और विशाल पेड़ होता है. इसकी मोटी मोटी शाखाएं होती , और इन शाखाओं से इसकी जटाएं लटककर जमीन तक पहुंचती हैं.

ये बहुत मज़बूत होती हैं, और तने का रूप ले लेती हैं. जैसे-जैसे बरगद का पेड़ पुराना होता चला जाता है, वैसे-वैसे इसका चरों तरफ का दायरा बढ़ता ही जाता है.

ज़्यादातर यह पेड़ आपको भारत में हर जगहों पर जैसे के विशेषकर मन्दिरों, किलों, पुरानी गढियों या फिर कुओं के आस-पास देखने को ज़रूर मिलते हैं.

इसके पत्ते कड़े व मोटे होते हैं और ये अंडाकार में होते हैं, इनका निचला भाग थोड़ा खुरदरा, और ऊपरी भाग चिकनापन लिए हुए होता है. बरगद के पत्तों को तोड़ने पर दूध निकलता है.

बरगद के पेड़ में फूल जाती हुई ठंड में और फल बारिश के महीनों में लगते हैं.

फरवरी और मार्च के महीनों में बरगद से पत्तियां झड़कर गिरने लग जाती हैं, और बाद में नए पत्ते निकलते हैं.

बरगद का फल पकने पर लाल रंग का हो जाता है, जो देखने में बहुत ही खुबसूरत लगता है.

इस पेड़ को इसकी शाखाओं से बड़ी बड़ी जटायें लटकने के कारण दूर से ही इसे आसानी से पहचाना जा सकता है. मोज़े पहनकर सोने के फायदे हैं बहुत यहाँ पढ़ें

बरगद के पेड़ का प्रयोग बहुत से रोगों में लाभकारी है

दोस्तों बरगद का पेड़ कसैला , शीतल, मधुर, और पाचन शक्तिवर्धक, भारी, पित्त, कफ (बलगम), व्रणों (जख्मों), धातु (वीर्य) विकार, पेशाब की जलन, योनि विकार, ज्वर (बुखार), वमन (उल्टी), विसर्प (छोटी-छोटी फुंसियों का दल) तथा शारीरिक और यौन दुर्बलता को खत्म करता है.

यह दांत के दर्द और स्तन की शिथिलता (स्तनों का ढीलापन), रक्तप्रदर, श्वेत प्रदर (स्त्रियों का रोग), स्वप्नदोष, कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, बहुमूत्र (बार-बार पेशाब का आना).

अतिसार (दस्त), बेहोशी, योनि दोष, गलित कुष्ठ (कोढ़), घाव, बिवाई (एड़ियों का फटना), सूजन, वीर्य का पतलापन, बवासीर, पेशाब में खून आना आदि रोगों में गुणकारी है.

Banyan Tree Milk Benefits In Hindi | Bargad Ke Doodh Ke Fayde

बरगद के फल, तना और छाल, यहाँ तक के दूध भी बहुत काम आते हैं. ये औषधीय गुणों से भरपूर हैं और बरगद के दूध का प्रयोग कैसे करें ये हम इस पोस्ट में आपको बताएँगे.

वट वृक्ष का दूध प्रयोग करने से आपकी शारीरिक का यौन दुर्बलता समाप्त होती है व वीर्य के विकार और स्वप्नदोष में भी बहुत फायदा मिलता है और साथ साथ आपकी स्तभ्न शक्ति भी बढ़ जाती है.

Premature Ejaculation Treatment | नाईट फॉल रोकने के उपाय

जिन लोगों को शारीरिक कमज़ोरी होती है. उनको स्वप्नदोष [नाईट फॉल] (Night Fall) की शिकायत अधिक रहती है. ऐसे लोगों का वीर्य भी एकदम से पतला हो जाता है. इसके लिए वो बरगद के दूध का प्रोग करके इस बीमारी को दूर कर सकते हैं.

ऐसे लोग जो स्वप्नदोष की बीमारी से पीड़ित है, और उनका शरीर भी बेजान और मरियल हो गया है. वे रोज़ाना बताशे के ऊपर बरगद के दूध की 8-10 बूँदें टपकाकर उनको खा सकते हैं.

प्रतिदिन वो 7-8 बताशे खाएं, ये प्रयोग लगातार 15 दिन से लेकर 60 दिनों तक कर सकते हैं. अगर जल्दी फायदा मिल जाय तो प्रयोग को बंद कर दें. हालांकी इससे किसी भी तरह का खतरा नहीं है.

बरगद का दूध कैसे प्रयोग करें | How To Use Banyan Tree Milk

  • मैथुन शक्ती बढाने के लिए 5-7 बताशे लें
  • एक बताशे पर, 5-6 बूँदें बरगद के दूध की टपका लें
  • इसके बाद इसको खा लें
  • इस तरह से आप 5  से 7 बताशे रोज़ खा सकते हैं
  • Banyan Tree Milk और बताशे के इस प्रयोग से आपके सम्भोग करने की शक्ति 4 गुना ज्यादा बढ़ जाती है|
  • ये स्त्री रोगों में भी ये गजब का काम करता है उसके लिए आप निचे पढ़ें.

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काम शक्ति बढ़ाने में बरगद के पेड़ और इसके दूध का प्रयोग

युवक अपनी काम शक्ति बढ़ाने के लिए बरगद के पेड़ का प्रयोग ऐसे करें.

  • लगभग 50  ग्राम बरगद की ताज़ी कोपलें (मुलायम पत्तियां) लें
  • इनको 250 मिलीलीटर (लगभग एक गिलास) पानी में जब तक पकायें जब एक चौथाई पानी बचे
  • इसके बाद  इसे, मतलब उस पानी को छानकर आधा किलो दूध में डालकर पकायें
  • अब इसमें आप लगभग 10 ग्राम ईसबगोल की भूसी और 10 ग्राम शकर मिलाकर पिएं

आप देखंगे के सिर्फ 7 दिन तक इसको पीने से आपका वीर्य कितना गाढ़ा हो गया है.

इसके सेवन से आपकी कामशक्ति में जबरजस्त बढ़ोत्तरी हो जाती है. इसके साथ ही यह बहुत से रोगों में भी लाभकारी है.

How To Use Banyan Tree Milk For Man Power

मर्दाना ताक़त

रबड़ी के सेवन से मर्दाना ताक़त बढ़ाएं

  • दूध से बनी रबड़ी का सेवन करने से भी मर्दाना ताक़त घोड़े जैसी दमदार हो जाती है
  • इसके लिए आप कम से कम 10 से 15 दिन रबड़ी का सेवन करें
  • आपकी काम शक्ति को ये पहले से अधिक बड़ा देगी और वीर्य को भी गाढ़ा कर देती है

जिन लोगों का शरीर अधिक दुबला पतला है. उन लोगों को भी रबडी का सेवन करना चाहिए.

इससे उनकी शरीर की दुर्बलता दूर हो जायेगी.

ऐसे लोगों को शाम के समय 2 महीने तक रबडी का सेवन करना चाहिए.

इससे उनका शरीर बलिष्ठ और तंदरुस्त दिखने लगता है. अगर आपको बाज़ार की रबड़ी पसंद न आये तो इसे आप घर पर भी बना सकते हैं. देखें घर में स्वादिष्ट रबड़ी कैसे बनायें.

आलस दूर करने में

यदि आपको बहुत ज्यादा आलस आता है. किसी भी काम करने आपको बहुत जल्दी थकान हो जाती है.

या फिर आपका मन किसी काम को करने में नही लगता है. आपको हर वक्त नींद आती रहती है.

आपके लिए बरगद के ये तत्व आलस को दूर कर देंगे. इसके लिए नीचे दिए गए नुस्खे को आजमायें.

Banyan Tree Root Powder Patanjali बरगद के दूध के फायदे और नुकसान

आलस दूर करें

  • बरगद के हरे सूखे पत्तों का चूर्ण बना लीजिये
  • अब इस चूर्ण को लगभग एक लीटर पानी में मिला लें
  • फिर आपको इस पानी में थोड़ा सा नमक मिलाना है
  • चमत्कारिक दवा का मिश्रण तैयार है
  • इसका सेवन आप सुबह और शाम दोनों समय करें, आलस दूर भाग जायेगा

आप कुछ ही दिनों में ये महसूस करेंगे की आपका आलसपन कैसे दूर हो गया.

घोड़े जैसी फुर्ती आपमें आ जायेगी. ये बहुत ही कारगर उपाय है, इसे आप जरूर अपनाएं.

कमर दर्द और ह्रदय रोगियों के लिए दवा

यदि आपको उठते समय या बैठते समय या किसी सामान को उतारने या रखने में कमर में दर्द होता है.

या फिर आपको किसी तरह की दिल से संबधित बीमारी है, तो उसके लिए आप ये उपाय करें.

  • बरगद के पेड़ से कुछ कोमल लाल पत्तों को लीजिये
  • उन्हें थोड़े पानी के साथ उबाल लीजिये
  • इसमें थोड़ी सी मिश्री को मिला लीजिये इससे खाने में स्वाद कसैला नहीं लगेगा
  • अब इस घोल में बरगद के दूध की कुछ बूंदे मिलाकर, इसमें थोड़े से शक्कर के बताशे भी मिला लीजिये
  • इसका सेवन आपको सुबह और शाम को खाना खाने से आधे घंटे पहले करना है
Banyan Tree Benefits [Hindi] बरगद का पत्ता

कमर दर्द

  1. इससे आप के दिल से जुडी सभी समस्या ख़त्म हो जायेंगी
  2. बरगद के दूध को आप यदि अलसी के तेल साथ मिलकर अपने जोड़ो पर लगायें
  3. जोड़ो में दर्द से राहत मिलेगी
  4. कमर पर मालिश करेंगे तो आपको बेहद आराम मिलेगा

इससे थकावट दूर हो जाती है और शरीर की नसों को भी आराम मिलता है.

इसके अलावा ये आपके बबासीर की बीमारी भी ठीक करता है.

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