अंजीर क्या है और इसको कैसे खाया जाता है? | जानिए अंजीर खाने के 10 फायदे

एक अच्छे स्वास्थवर्धक के रूप में प्रयोग किये जाने वाला अंजीर एक बहुत ही पोष्टिक फल है. इसका फल पेड़ पर पकने के बाद अपने आप नीचे गिर जाता हैं. अंजीर खाने के मीठा होता है. बाज़ार में इसका फल ज़्यादातर सूखा बिकता है, और ये पंसारी की दूकान पर मिलता है.

अधिकतर इसका उपयोग वज़न घटाने, मर्दाना ताकत के लिए, हड्डियों को मज़बूत करने और हाई ब्लड प्रेशर जैसे रोगों को ठीक करने के लिए किया जाता है.

शारीरिक दुर्बलता में भी अंजीर का उपयोग बहुत फायदेमंद होता है. आज आपको इस पोस्ट में अंजीर खाने के फायदे और इसके पोष्टिक गुणों के बारे में पूरी जानकारी दी जायेगी.

पुरुषों के लिए अंजीर लाभ
अंजीर

इसके सूखे फल को टुकड़े-टुकड़े करके या पीसकर दूध और चीनी के साथ खाया जाता है. इसका स्वादिष्ट जैम भी बनाया जाता है.

सूखे फल में चीनी की मात्रा लगभग 62 प्रतिशत तथा ताजे पके फल में 22 प्रतिशत होती है. इसमें कैल्शियम तथा विटामिन ‘ए’ और ‘बी’ काफी मात्रा में पाए जाते हैं.

अंजीर को आयुर्वेदिक औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है

अंजीर मध्यसागरीय क्षेत्र और दक्षिण पश्चिम एशियाई मूल की एक पर्णपाती झाड़ी या एक छोटा पेड़ है. जो पाकिस्तान से यूनान तक पाया जाता है.

इसकी लंबाई 3-10 फुट तक हो सकती हैं| अंजीर विश्व के सबसे पुराने फलो मे से एक है. इसका फल रसीला और गूदेदार होता है.

जब इसके पेड़ पर चड़ते हैं तो शरीर में खुजली होने लगती है. इसके पत्ते तोड़ने पर ढूध निकलने लगता है, जिसका औषधीय उपयोग किया जाता है.

इसका रंग हल्का पीला, गहरा सुनहरा या गहरा बैंगनी हो सकता है. अंजीर अपने सौंदर्य एवं स्वाद के लिए प्रसिद्ध अंजीर एक स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और बहु उपयोगी फल है.

यह विश्व के ऐसे पुराने फलों में से एक हैं, जिसकी जानकारी प्राचीन समय में भी मिस्त्र के फैरोह लोगों को थी.

आजकल इसकी पैदावार ईरान, मध्य एशिया और अब भूमध्य सागरीय देशों में भी होने लगी है.

प्राचीन यूनान में यह फल व्यापारिक दृष्टि से इतना महत्त्वपूर्ण था कि इसके निर्यात पर पाबंदी थी. आज विश्व का सबसे पुराना अंजीर का पेड़ सिसली के एक बगीचे में है.

अंजीर में पाए जाने पोषक तत्व | Anjeer nutrition in Hindi

अंजीर में मुख्य रूप से लगभग सभी प्रकार के तत्व पाए जाते हैं, जिनके नाम इस प्रकार से हैं.

  • कार्बोहाइड्रेट 63%
  • प्रोटीन 5.5%
  • सेल्यूलोज 7.3%
  • चिकनाई 1%
  • खनिज लवण 3%
  • अम्ल 1.2%
  • राख 2.3%
  • जल 20.8%

इसके अलावा प्रति 100 ग्राम अंजीर में लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग लोहा, विटामिन, थोड़ी मात्रा में चूना, पोटैशियम, सोडियम, गंधक, फास्फोरिक एसिड और गोंद भी पाया जाता है.

अंजीर खाने के फायदे | Benefits of eating anjir

एक बेहतरीन पोषक तत्वों से भरपूर अंजीर के फल को कई तरह के स्वास्थ्यवर्धक फायदे लेने के लिए उपयोग में लाया जाता है.

  1. वज़न घटाने के लिए
  2. हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए
  3. यौन शक्ती बढ़ाने के लिए
  4. हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए
  5. कुष्ठ रोग के लिए
  6. दमा के लिएकब्ज़ रोगों के लिए
  7. शारीरिक दुर्बलता के लिए
  8. दांतों के दर्द में
  9. बार बार पेशाब आना
  10. मुहँ के छाले

इन सबके अलावा भी अंजीर और भी बहुत सी बीमारियों का इलाज कर सकता है.

वज़न कम करने के लिए

यह एक शक्तिदायक फल है. अंजीर का उपयोग वजन को कम करने के लिए बहुत किया जाता है. ये वजन घटाने में काफी हद तक मददगार होता है.

इसलिए मोटे लोगो को अंजीर खाने की सलाह ज्यादा दी जाती है. अंजीर को कभी भी दूध के साथ नहीं लेना चाहिए, क्योकि दूध के साथ लेने से ये आपका वज़न बढ़ा देता है.

वज़न कम करने के लिए
वज़न कम करने के लिए

यौन शक्ति बढ़ाने के लिए

अंजीर को प्रयोग ज्यादातर यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए पुराने समय से ही किया जा रहा है. अंजीर को दूध के साथ लेने पर अच्छे परिणाम मिलते हैं (1).

2-3 अंजीर को एक गिलास दूध में डालकर रख दें. रात भर रखे रहने दें, फिर सुबह खा लें. शरीर पुष्ट होगा और यौन शक्ति बढ़ेगी.

उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए

अंजीर में जरुरत के अनुसार पौटेशियम और सोडियम पाया जाता है. इसमें उच्च मात्रा में पौटेशियम और निम्न मात्रा में सोडियम पाया जाता है.

इसका यही गुण उच्च रक्तचाप को रोकने में मददगार होता है. इसलिए इसका उपयोग किया जाता है ये आपकी नसों को शांत रखता है, और आपको चिंता से भी दूर रखता हैं.

ह्दय रोग के लिए लाभकारी

हदय का रोग एक घातक रोग है. सूखे अंजीर में फिनोल ओमेगा-3 ओमेगा-6 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं.

ये एसिड्स ही हदय रोग न होने में मदद करते हैं, ये हदय रोग के जोखिम को भी कम कारता है.

अंजीर खाने के फायदे इतने सारे है कि आप इसके इस्तेमाल से कई रोगों को दूर कर सकते हैं.

ह्रदय रोगी के लिए ये बहुत ही फायदेमंद होता है. ये शरीर की सभी धमनियों और नलिकाओं को साफ व सुरक्षित रखता हैं.

सफेद कुष्ठ (सफेद दाग)

कुष्ठ रोग के लिए अंजीर का उपयोग ऐसे करें.

  • अंजीर के पेड़ की छाल को पानी के साथ पीस लें
  • फिर उसमें 4 गुना घी डालकर गर्म करें
  • इसे हरताल की भस्म के साथ सेवन करें

इससे श्वेत कुष्ठ रोग, (सफ़ेद दाग) मिटता है.

दूसरा तरीका

अंजीर के कच्चे फलों से दूध निकालकर सफेद दागों पर लगातार 4 महीने तक लगायें.

इससे आपके शरीर या चेहरे से यह सफ़ेद दाग, धब्बे मिट जाते हैं. अंजीर के पत्तों का रस श्वेत कुष्ठ पर सुबह और शाम को लगाने से लाभ होता है.

दांत व मसूड़ों के लिए

अंजीर का दूध रुई में भिगोकर दुखते दांत पर रखकर दबाएं. अंजीर के पौधे से दूध निकालकर उस दूध में रुई भिगोकर सड़ने वाले दांतों के नीचे रखने से दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं.

दांतों का दर्द मिट जाता है. अंजीर को पानी में उबालकर इस पानी से रोजाना दो बार कुल्ला करें. इससे मसूढ़ों से आने वाला खून बंद हो जाता है, तथा मुंह से दुर्गन्ध आना बंद हो जाती है.

दमा (अस्थमा) और श्वांस रोग

कप वाला दमा जिसको भी होता हैं उसके लिए अंजीर का सेवा लाभकारी होता है. इससे कफ बाहर आ जाता है. तथा रोगी को शीघ्र ही आराम भी मिलता है.

2 से 4 सूखे अंजीर सुबह-शाम दूध में गर्म करके खाने से कफ की मात्रा घटती हैं, शरीर में नई शक्ति आती है और दमा रोग मिटता हैं.

अंजीर खाने से फायदे
अंजीर खाने से फायदे

कब्ज में सहायक

जिन लोगों को कब्ज़ की ज़्यादा परेशानी होती है, उन्हें अंजीर का सेवन करना चाहिए. ये कब्ज; को दूर करने में बहुत लाभकारी होता है.

  • 3 से 4 पके अंजीर दूध में उबल लीजिये
  • रोज़ाना रात्रि में सोने से पहले खाएं और ऊपर से उसी दूध का सेवन करें

इस तरह से आपके कब्ज़ की बीमारी कुछ ही दिनों में पूरी तरह से ठीक हो जायेगी.

त्वचा के रोगों के लिए

आज कल त्वचा के रोग या फंगल इन्फेक्शन बहुत लोगों में फ़ैल रहा है. इसके लिए हमें अंजीर; का उपयोग करना चाहिए.

कच्चे अंजीर का दूध समस्त त्वचा सम्बंधी रोगों में लगाना लाभदायक होता है. अंजीर का दूध; लगाने से दाद मिट जाते हैं.

बादाम और छुहारे के साथ अंजीर को खाने से दाद, दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और चमड़ी के सारे; रोग ठीक हो जाते हैं.

कमजोरी के लिए

आजकल लोगों के खान पान में पहले जैसा पोषण नहीं रह गया है. वे बाज़ार में जंक फ़ूड खा-खाकर; अपनी सेहत को खराब कर रहे हैं.

इसकी वजह से शरीर को पार्यप्त मात्र में पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे शरीर बहुत ही; ज़्यादा कमजोरी महसूस करता है.

अधिकतर लोग तो बहुत ही दुबले पतले दीखते हैं. ऐसे लोगों के लिए अंजीर को दूध के साथ लेना चाहिए.

इसे उनका मरियल शरीर कुछ ही दिनों में सुडौल होकर पुष्ट दिखने लगता है. ये स्तभं शक्ती को भी बढ़ाता है.

अंजीर के सेवन से वीर्य अधिक बनता है और पतला वीर्य गाढ़ा हो जाता है. शारीरिक दुर्बलता; में यह रामबाण साबित होता है.

पके अंजीर को बराबर की मात्रा में सौंफ के साथ चबा-चबाकर सेवन करे. इसका सेवन 40 दिनों; तक नियमित करने से शारीरिक दुर्बलता दूर हो जाती हैं.

अंजीर को दूध में उबालकर-उबाला हुआ अंजीर खाकर वही दूध पीने से शक्ति में वृद्धि होती; हैं. तथा खून भी बढ़ता है.

सूखे अंजीर के टुकड़े और छिली हुई बादाम गर्म पानी में उबालें. इसे सुखाकर इसमें दानेदार; शक्कर, पिसी इलायची, केसर, चिरौंजी, पिस्ता और बादाम बराबर मात्रा में मिलाकर 8दिन तक गाय के घी में पड़ा रहने दें.

बाद में रोजाना सुबह 20 ग्राम तक सेवन करें. छोटे बालकों की शक्तिक्षीण के लिए भी यह औषधि; बड़ी हितकारी है. अंजीर खाने के बहुत सारे फायदे हैं.

अंजीर खाने के नुकसान

इसको खाने से किसी तरह के साइड इफ़ेक्ट और नुकसान का अभी तक को;ई पुख्ता प्रमाण तो सामने नहीं आया है. यह एक प्राक्रतिक फल है.

शुगर डायबिटीज के रोगी अगर डॉक्टर की सलाह से खाएं तो बेहतर होगा. अंजीर का सेवन बहुत; लम्बे समय तक नहीं करना चाहिए.

अंजीर की तासीर गर्म होती है. इसीलिए जिन लोगों के शरीर में गर्मी की शिकायत हो उनको; इसके सेवन से बचना चाहिए.

प्रेग्नेंट महिला को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. माहवारी के दिनों; में भी महिलाओं को इसके सेवन से बचना चाहिए.

अंजीर खाने का सही समय | Anjir khane ka sahi samay

अंजीर को वैसे तो कभी भी खाया जा सकता है, इसके लिए कोई पाबंदी नहीं है. लेकिन रोग; के अनुसार सुबह के समय लेना ज़्यादा फायदेमंद होता है.

मोटापा बढ़ाने के लिए इसको रात को सोने से पहले लेना फायदेमंद है. इसको आप बिना किसी; बीमारी के भी सेहत के फायदे के लिए खा सकते हैं.

जिस तरह से सूखे मेवे जैसे कि अखरोट, बादाम, काजू, किशमिश आपके लिए फायदा करतें हैं, वैसे; ही अंजीर आपके लिए फायदा करता है.

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