त्रिफला के फायदे – Triphala Ke Fayde In Hindi

त्रिफला के फायदे – जब बीमार होते है तो हमारे शरीर बहुत कमजोरी आ जाती है और ज्यादातर बीमारियां हमारी लापहरवाही और खानपान की आदत की वजह से ही होती है जिससे हमें कई सारी घेर लेती है. थोड़ी समझदारी और नियमियता के साथ भोजन और व्यायाम से हम सभी बीमारियों को दूर कर सकते है.

हमारे पास वो इलाज है जो किसी अन्य देश के पास नहीं है और जंहा तक आयुर्वेद की बात की जाए तो ये हमारे पूर्वजों के ज़माने से हमारे साथ है जिसमे हर गंभीर बीमारी तक का इलाज है. मसालों का सेवन हमारे देश में कई तरह से किया जाता है और सबसे ज्यादा मसलों का उत्पाद भी हमारे देश में ही होता है.

त्रिफला के फायदे

त्रिफला आयुर्वेदिक औषधि

यदि हमें स्वस्थ और लम्बा जीवन चाहिए तो हमें आयुर्वेद के इलाजों का इस्तेमाल करना होगा.त्रिफला एक ऐसा मसाला है जिसे सभी लोग बहुत ही अच्छे से जानते है और अधिकतर लोग इसका सेवन पेट से जुडी समस्या जैसे कब्ज और गैस आदि को दूर करने में करते है. और आयुर्वेद में भी त्रिफला को बहुत ही उपयोग माना गया है.

त्रिफला आयुर्वेदिक औषधियों में सबसे बेहतर क्यों माना जाता है?

आयुर्वेदिक औषधियों का उपयोग आप केवल बीमार होने पर करें ऐसा जरूरी नहीं है आप यदि त्रिफला का सेवन प्रति हफ्ते करते है तो आपको कभी भी पेट से जुडी कोई भी गंभीर बीमारी नहीं होगी. और ऐसा भी माना जाता है कि शरीर में कोई भी रोग होता है उसका मुख्य कारण पेट की गड़बड़ी या पेट से होती है.

खानपान में लगातार बदलाब करने से भी पेट उन भोज्य पदार्थों को ठीक से पचा नहीं पाता है. त्रिफला शब्द का अर्थ “तीन फल” होता है और आयुर्वेदिक रसायन विज्ञान के अनुसार त्रिफला आवंला, हरड़, और बहेड़ा इन तीनो फलों का मिश्रण है. त्रिफला का चूर्ण दिखने में भूरे रंग का होता है.

रोगों को मिटाने काम आता है त्रिफला का चूर्ण

इस त्रिफला को बनाने में इन तीनों एक रसायन क्रिया के अनुसार मिलाया जाता है जिसमे एक भाग हरड़, दो भाग बहेडा और एक चौथाई भाग आंवला को मिलाया जाता है फिर इन तीनों के मिश्रण को धुप में सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है और जब ये सूख जाए तो इसका चूर्ण बना कर एक कांच में छानकर रखें जिससे की उसमे जमा मोटा कचरा हट जाएँ.

त्रिफला का चूर्ण जब बन जाता है तो इसका थोड़ा सा कड़वा, खट्टा, तीखा, मीठा और नमकीन आता है क्योंकि ये तीनो फलों के रस का मिश्रण है. और ये सभी रोगों को ठीक करने में मदद करता है. दृष्टिवर्धक, रक्तवर्धक, आयुवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक आयुर्वेदिक ओषधि है. जो बहुत गुणकारी है.

Benefits of Triphala Churna Weight Loss In Hindi

यह चूर्ण आपको कई रोगों को मिटाने काम आता है इसके निरंतर उपयोग से आप अपना वजन घटा भी सकते है और बढ़ा भी सकते है क्योंकि इस में मेटाबोलिज्म को नियंत्रण का करने गुण मौजूद होता है जिससे आपके शरीर में जमा हुई चर्बी ख़त्म हो जाए है और धीरे धीरे आपका वजन भी घटने लगता है.

वजन कम करने के लिए त्रिफला 

त्रिफला के चूर्ण का सेवन आप दिन में एक बार करते है तो ये आपके पाचन को ठीक रखता है और आपकी भूख को बढ़ाने में मदद करता है. जिससे भूख लगती है और दुबले पतले शरीर से आप हट्टे कट्टे शरीर के स्वामी बन जाते है ये आपका मोटापा नहीं बढ़ाता बल्कि आपको शुद्ध और स्वस्थ बनाता है.

भूख को बढ़ाने के साथ साथ ये शरीर के भीतर लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढ़ाने का काम बह करता है जिससे रक्त में शुद्धता आती है. रक्त के शुद्धिकरण के आपको महंगा इलाज भी नहीं कराना पड़ता है इस चूर्ण को आप खुद घर पर बना सकते है या फिर बाज़ार से खरीद सकते है.

आँखो के लिए लाभदायक है त्रिफला के चूर्ण

यदि आँखों में कोई समस्या या फिर आपकी अक्सर लाल रहती है तो आप त्रिफला का इस्तेमाल करें ये आपकी आँखों की लालिमा को मिटाने में मदद करेगा. एवं आखों की ज्योति बढ़ाने में भी मदद करेगा. इस उपाय को करने के लिए आप गाय का घी और शहद के मिश्रण के साथ त्रिफला का सेवन रात को सोने से पहले और सुबह उठने के तुरंत बाद करें.

इसे तांबे के लोटे या मिट्टी के पात्र में भरकर रात के छोड़ दें और फिर इसका सेवन करेंगे तो आपको काफी ज्यादा लाभ होगा. और इससे आपकी आँखें स्वस्थ रहती है. आप के पास यदि समय की कमी है तो आप केवल इसका काढ़ा बनाकर पीयेंगे तो आपको लाभ होगा.

 त्वचा के लिए लाभदायक है त्रिफला के चूर्ण

आजकल बाज़ारों में त्वचा को स्वस्थ बनाने के लिए कई सारी कॉस्मेटिक क्रीम उपलब्ध है लेकिन इनका असर कुछ समय के लिए रहता है लेकिन परमानेंट सोलुशन के लिए आप अपने त्वचा को अंदर शुद्ध करें और इसके लिए आपको अपने रक्त को शुद्ध करना बहुत जरूरी है.

त्वचा के लिए त्रिफला

अपनी त्वचा को निखारने के लिए आप त्रिफला का सेवन शहद के साथ करेंगे तो आपको ज्यादा लाभ होगा. क्योंकि ये रक्त में मौजूद दूषित पदार्थों निकालता है और इसमें आंवला भी होता है जो शरीर में कोलेजन (collagen) बनाता है एवं बहेड़ा आपकी त्वचा को पिगमेनटेशन देता है.

त्रिफला चूर्ण का सेवन शहद के साथ करने से शरीर में विटामिन C पर्याप्त मात्रा में पहुँच जाता है जिससे स्किन अंदर से ग्लो करने लगती है इसके आपको कोई एंटी एजिंग क्रीम की आवश्यकता नहीं होती है. क्योंकि विटामिन सी त्वचा पर झुर्रियां (skin wrinkling) को हटाने में सबसे अच्छा माना जाता है.

दाँतों को मजबूत बनाने के लिए त्रिफला के चूर्ण का सेवन करें

यदि आपके दांत हिलने लगे या फिर उनमे से कमजोरी आ गई है तो इस समस्या को दूर करने के लिए आप त्रिफला के चूर्ण का सेवन करें या सबसे पहले त्रिफला को रात भर पानी से भिगोकर सुबह तक के लिए रखें फिर सुबह  ब्रश करने से पहले इसके चूर्ण को कुल्ला करें ऐसा करने से आपके दाँत और मसूड़े बुढ़ापे तक के लिए मजबूत बने रहते है.

रोजाना आप इस उपाय को अजमाते है तो आपके मुंह से आने वाली दुर्गंधको दूर कर सकते है और ये हमेशा के लिए फायदेमंद और आपके होठों में अक्सर छाले होते तो आप एक बार दिन में त्रिफला के चूर्ण को शहद के साथ चाट लें ऐसा करने से आपके छाले तो ठीक होते है साथ ही आपके पेट के कीड़े भी मर जाते है.

बालों के लिए त्रिफला के चूर्ण का सेवन करें

अपने बालों को सुंदर और लम्बे बनाने  के लिए आप त्रिफला के चूर्ण का इस्तेमाल करें. त्रिफला में भरपूर मात्रा में  विटामिन C पाया जाता है और ये बालों के स्वास्थ्य को भी सुधारता है त्रिफला में आंवला भी मौजूद होता है जिसके गुण बालों को काला और घना बनाने में मदद करते है.

बालों के लिए त्रिफला

त्रिफला के चूर्ण के पानी में घोल कर उसके बने हुए पेस्ट को आपने बालों में लगभग एक घंटे तक लगा कर रखें. और फिर कड़क होने पर ठन्डे पानी के साथ बालों को धों लें. फिर नारियल तेल से मालिश करेंगी तो आपको ज्यादा फायदा होगा. बालों को सुंदर और स्वस्थ बनाने के लिए इस उपाय को एक हफ्ते में दो बार करें.

कब्ज को दूर करने के लिए लाभदायक है त्रिफला के चूर्ण

जैसा कि आप लोगों को यह पाता त्रिफला एक गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि है. और त्रिफला के चूर्ण के ज्यादातर इस्तेमाल पेट में गैस और कब्ज को दूर करने में किया जाता है. जब आपके पेट में बहुत दर्द हो रहा हो या फिर खाना खाने के बाद पेट में गैस बन रही हो या बदहज़मी हो गई तो आप त्रिफला के चूर्ण का सेवन करें.

इस चूर्ण का सेवन करने से पहले कुछ बातों को याद रखें जैसे पेट में सिर्फ गैस या कब्ज होने पर ही इसका सेवन करें लीवर या किडनी में दर्द होने पर इसके सेवन से बचें और  रात में सोने से आधा घंटा पहले 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण को  इसबगोल के दो चम्मच  की मात्रा में गुनगुने पानी या दूध के साथ इसका सेवन करें.