Likoria Ka Gharelu Ilaj

Likoria Ka Gharelu Ilaj: लिकोरिया एक पदार्थ होता हैं| जिसे सफ़ेद पानी वाईट डिस्चार्ज कहा जाता हैं| या फिर श्वेत प्रदर भी कहा जा सकता हैं लिकोरिया एक रोग हैं जो महिलाओ में होता हैं| इस रोग में महिलाओ के गुप्तांग से चिपचिपा बदबूदार सफ़ेद रंग का पानी निकलता हैं| जिससे शारीर में इन्फेक्शन होने का खतरा रहता हैं|

महिलाओं में लिकोरिया (सफ़ेद पानी) के कारण और उसका इलाज

सफ़ेद पानी के होने के कारण

लिकोरिया के इलाज के लिए आप डॉक्टर से सलाह लें सकती हैं| या आप चाहे तो कुछ घरेलू उपचार या आयुर्वेद के उपचारों को कर सकती हैं| जिससे आपको इस रोग से मुक्ति मिल जाये और आप भी और लोगो की तरह खुशहाल रह सकें| ये रोग किसी भी लड़की या शादीशुदा महिला को हो सकती हैं इसकी कोई खास उम्र नहीं होती हैं|

ऐसा तो हैं नहीं हैं कि ये रोग सिर्फ लड़की या शादीशुदा महिला में ही हो| ये रोग किसी गर्भवती महिला को भी हो सकता हैं| और उसे भी इस रोग के दर्द व पीड़ा को झेलना पड़ेगा| यदि आपको भी ऐसा लगता हैं कि आपको भी सफ़ेद पानी की शिकायत हैं तो आप अभी इसका उपचार करें वरना ये आपके लिए बहुत आधिक मुश्किल वाली बात हो जाएगी|

लिकोरिया क्या हैं | Likoria Treatment Hindi

लड़कियां या महिलाये अपने मासिक घर्म से वैसे ही परेशान रहती हैं| जब महिलाएं मासिक धर्म से रहती हैं| उस संत लोकिरिया का रंग सफ़ेद होकर अगर थोडा बहुत आये तो कोई चिंता की बात नहीं हैं| लेकिन अगर रिसाव जब गाढ़ा नीला या पीले, हरे रंग का हो तो ये बात चिंता करने वाली हैं. फिर इस स्थिति को लिकोरिया या सफ़ेद पानी की समस्या कहा जाता हैं|(Likoria Ka Gharelu Ilaj)

सफ़ेद पानी के घरेलू उपचार

ये रोग जब हो जाता हैं तब ये कुछ हफ्तों से लेकर कुछ महीनो तक रह सकती हैं| इसके कारण फिर शारीर कमजोर होने लगता हैं| शारीर में दर्द होने लगता हैं फिर आप ये नहीं कह सकती की में स्वास्थ्य हूँ क्योकि ये रोग जब हो जाता हैं| हो शारीर को तो मानो जैसे की खोखला ही कर देता हैं ये बहुत ही बेकार इन्फेक्शन हैं|

सफ़ेद पानी के होने के कारण

  • बार बार बहुत आधिक सम्भोग करना|
  • यूरिन इन्फेक्शन होने के कारण|
  • बार बार गर्भपात करवाने के कारण|
  • गुप्तांग की सफाई ठीक से न करने के कारण|

सफ़ेद पानी आने के लक्षण

चक्कर आना और हाथ पैरों में दर्द होना, शारीर में अधिक से अधिक कमजोरी का महसूस होना| आँखों के नीचे डार्क सर्कल्स का बनाना और आखों में दर्द होना, तनाव में रहना योनी में बदबू का आना और खुजली होना आदि लक्षण अगर आप में हैं तो डरे नहीं बल्कि इस समस्या का सामना करें और इस समस्या को हरा दें|

सफ़ेद पानी के आयुर्वेद उपचार

सफ़ेद पानी के घरेलू उपचार (Likoria Ka Gharelu Ilaj)

इसके इलाज के लिए आप 1 पक्का हुआ केला लें| फिर घी या मक्खन के साथ खाए दिन में 2 बार इस उपाय को कर सकते हैं| इससे आपको बहुत ही फायदा मिलेंगा|

एक चम्मच प्याज़ का रस लें फिर इसे एक चम्मच शहद में मिलाकर सेवन करें| आप इस उपाय को निरंतर करें इससे आपकी सफ़ेद पानी की समस्या दूर हो जाएगी|

आप पक्का हुआ एक केला लें| और फिर इस केले को बीच से काट कर इसमें कच्ची फिटकरी डाले और दिन में एक बात खाए| इस उपाय को आप एक हफ्ते तक करें इससे आपको आराम मिलाने लगेगा|

यदि आपकी योनि से बदबू आती हैं और साथ ही योनि में खुजली भी होती हैं| तो इसके लिए आप फिटकरी के पानी से योनि की दिन में 2 बार सफाई करें|

एक चम्मच आवंला पाउडर लें और फिर इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर खाए इससे आपको सफ़ेद पानी को आने से रोकने में मदद मिलेंगी|

एक गुलाब का फूल लें और उसके पत्तो को पीसकर रख लें फिर दिन में 2 बार इसका 1/2 चम्मच दूध के साथ लें| इस उपाय से सफ़ेद पानी की बीमारी जल्द ही ठीक हो जाएगी|

यदि आपको भी सफ़ेद पानी की समस्या हैं| तो आप इस समस्या के दिनों में प्रतिदिन भुने हुए चने खाए और खाने में ऐसे फ़ूड का सेवन करें जो शारीर को ताकत दें|

एक चम्मच शहद लें फिर इसमें एक चम्मच तुलसी के रस को मिलाकर इसका सेवन करें इससे आपको आराम मिलेगा|

आधी कटोरी चावल पानी मे उबाल लें और इस पानी को जो ना ज़्यादा ग़ाढा हो और ना ज़्यादा पतला, हर रोज़ शाम को 5-6 बजे खाना खाने से 2 घंटे पहले सेवन करें और ध्यान रहे 1-2 घंटे पहले और बाद मे कुछ ना खाये ना पिये ये इस रोग का सदियो पुराना सफल उप्चार हैं|

बड़ी इलायची और माजूफल को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह पीसकर समान मात्रा में मिश्री को मिलाकर चूर्ण बना लें, फिर इसी चूर्ण को 2-2 ग्राम की मात्रा में प्रतिदिन सुबह-शाम को लेने से स्त्रियों को होने वाले श्वेत प्रदर की बीमारी से छुटकारा मिलता है|

जीरा और मिश्री को बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बनाकर रख लें, फिर इस चूर्ण को चावल के धोवन के साथ प्रयोग करने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) में लाभ मिलता है|

लिकोरिया के आयुर्वेद उपचार | Likoria Treatment Ayurveda In Hindi

पीपल के पत्ते तोड़ कर इसमें से बहने वाला दूध की 10 से 12 बूंदे बताशे में डालकर एक महीने तक नियमित सुबह खाली पेट खाए| और ऊपर से गाय का गर्म दूध पिए ये प्रयोग सुबह और शाम दोनों समय करे| एक महीने में समस्या समाप्त हो जाएँगी|

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बबूल की 10 ग्राम छाल को 400 मिलीलीटर पानी में उबाल लें| जब यह 100 मिलीलीटर शेष बचे तो इस काढ़े को 2-2 चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम पीने से और इस काढ़े में थोड़ी-सी फिटकरी मिलाकर योनि में पिचकारी देने से योनिमार्ग शुद्ध होकर निरोगी बनेगा और आपकी योनि सशक्त पेशियों वाली और टाइट हो जाती हैं|

बबूल की 10 ग्राम छाल को लेकर उसे 100 मिलीलीटर पानी में रात भर भिगोकर उस पानी को उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो उसे छानकर बोतल में भर लें। लघुशंका के बाद इस पानी से योनि को धोने से प्रदर दूर होता है एवं योनि टाईट हो जाती है।

नीम के पेड़ की छाल लें और बबूल के पेड़ की छाल को भी लें लें| मोटा-मोटा कूटकर, इसके चौथाई भाग का काढ़ा बनाकर सुबह-शाम को सेवन करने से श्वेतप्रदर में लाभ मिलता है|रक्तप्रदर (खूनी प्रदर) पर 10 ग्राम नीम की छाल के साथ समान मात्रा को पीसकर 2 चम्मच शहद को मिलाकर एक दिन में 3 बार खुराक के रूप में पिलायें|

छाया में सुखाई जामुन की छाल का चूर्ण या जामुन की गुठली का चूर्ण 1 चम्मच की मात्रा में दिन में 3 बार पानी के साथ कुछ दिन तक रोज खाने से श्वेतप्रदर (ल्यूकोरिया) में लाभ होता है|