पथरी के लक्षण और पथरी का इलाज

पथरी होना आजकल एक आम समस्या बन गयी है अगर किसी को पथरी हो जाये तो उसको बहुत तकलीफ झेलनी पढ़ती है इसीलिए आज हम आपको इस पोस्ट में पथरी के इलाज के बारे में बताएँगे जो एकदम सरल और प्रभावी भी है पथरी औरतों की अपेक्षा मर्दों में तीन गुना अधिक पाई जाते है और ज़्यादातर पथरी 20 से लेकर 30 साल तक के लोगों में देखने को मिलते है अगर आप जानना चाहते हैं के पथरी के लक्षण क्या होते हैं और इसका इलाज कैसे संभव है तो इस पोस्ट को अंत तक पढ़िए.

पथरी के लक्षण – Pathri Ke Lakshan In Hindi

पेट के निचले हिस्से में आपको पथरी के लक्षण देखने को मिलते हैं मतलब टुंडी से नीचे और गुप्तांग के ठीक ऊपर के हिस्से में इसका दर्द होता है और ये दर्द कभी बहुत तेज़ होता है तो कभी धीरे धीरे और ये दर्द कभी कुछ देर के लिए होता है और कभी कभी बहुत लम्बे समय तक लगातार बन रहता है बीच बीच में इस दर्द में थोड़ी रहत भी रोगी को मिलती रहती है. पथरी के लक्षण का एक और रूप देखने को मिलता है जिसमे रोगी को उल्टी होनेकी शिकायत या जी मचलाने लगता है.

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सामान्य तोर पर पथरी के लक्षण शुरुआती तोर पर ही पहचान लिए जाते हैं इसमें शामिल हैं बार बार पेशाब आना, पेशाब करते वक़्त दर्द का होने, या रुक रुक कर पेशाब आना, एकदम से बहुत तेज़ी से पेशाब आना और पेशाब करने पर बूँद बूँद, या थोड़ा थोड़ा पेशाब निकलना. कुछ लोगों को अंडकोषों में दर्द होने की शिकायत होती है और पेशाब का रंग असामान्य हो जाता है ये पथरी के प्रमुख लक्षण होते हैं.

पथरी होने के प्रमुख कारण

वैसे तो सामान्यतः पथरी किसी को भी हो सकती है लेकिन अधिकतर इसका एक मुख्य कारण ये देखा गया है की जब किसी खान पान की वजह से मूत्र गाढ़ा हो जाता है तो पथरी बनना चालू हो जाती है और ये गाढ़े पेशाब के कण धीरे धीरे जमा होने लगते हैं और कुछ दिनों में वो पथरी का रूप ले लेते हैं. और जब ये मूत्र मार्ग में रुकावट डालते हैं मतलब के पेशाब करने पर दर्द महसूस होने लगता है तब रोगी को इसका एहसास होता है के उसको पथरी हो गयी है.

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रोज़ खाना खाते वक़्त या हमारे शरीर में पाचन क्रिया के ठीक से न होने के कारण जो केल्शियम और फास्फेट के कण रह जाते हैं वो धीरे धीरे हमारे गुर्दे में जमा होने लगते हैं  कैल्शियम, फॉस्फेट के छोटे छोटे सूक्ष्म कण तो पेशाब के ज़रिये बाहर निकलते रहते हैं और जो नहीं निकल पाते वो धीरे धीरे एक दुसरे से मिलकर जमा होते रहते हैं और एक दिन ये गुर्दे की पथरी के रूप में नज़र आते हैं. पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे ज़रूरत से ज़्यादा मात्रा मे कैलशियम का होना है इसका सीधा ये मतलब है के जिनको पथरी हुई है उसके शरीर मे जरुरत से ज़्यादा मात्रा मे कैलशियम है लेकिन वो किसी वजह से शरीर मे पच नहीं रहा है और जिनको किसी भी तरह की पथरी हो उन्हें कभी भी केल्शियम यानि के चूना नहीं खाना चाहिए. वो तत्काल चूना खाना बंद कर दें तो ज़्यादा अच्छा रहेगा.

पथरी का इलाज – Pathri Ka Ilaj In Hindi

आपने सुना हो शायद कभी पखानबेद नाम का एक छोटा सा पौधा होता है ! कुछ लोग उसे स्थानीय भाषा में पत्थरचट्टा भी बोलते है ! जिनको पथरी है वो इस पखानबेद पौधे (पत्थरचट्टा पौधा) के पत्तों को पानी मे अच्छी तरह से उबाल कर के काढ़ा बना लें और ठंडा करके पिएं इससे मात्र 10 से 15 दिन मे पूरी पथरी पेशाब के रस्ते गलकर बाहर निकल जाती है. और कई बार तो इससे भी जल्दी खत्म हो जाती है.

पथरी का होमियोपेथी इलाज

पथरी के लिए होमियोपेथी की एक दवा है ये आपको किसी भी होमियोपेथी की दुकान पर मिल जाएगी इस दवा का नाम हे वलवेरिस वलगेरिस “BERBERIS VULGARIS” आपको ये दवा के आगे लिखना है MOTHER TINCHER मतलब इस तरह से “berberis vulgaris mother tincture” ये उसकी पोटेंसी है और आप इस नाम से यह दवा मांगेंगे और दुकानदार से बोलना के “मदर टिंचर” में दो तो वो दुकान वाला समझ जायेगा यह दवा आप होमियोपेथी की दुकान से ले आइये और अब इस दवा की 10-15 बूंदों को एक चौथाई (1/ 4) कप में गुन गुने पानी मे मिलाके रोज़ाना दिन मे चार टाइम लेना है (सुबह,दोपहर,शाम और रात) को! इस दवा को आप लगातार एक से डेढ़ महीने तक इसी तरह से लेना है कभी कभी आराम पढ़ने में दो महीने भी लग सकते हैं !

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आपकी जानकारी के लिए यहाँ बता दें के ये जो दवा है वो पत्थरचट्टा पौधे से ही बानी हुयी है यहाँ फर्क बस इतना है ये Dilutions Form में पत्थरचट्टा पौधे का Botanical नाम “BERBERIS VULGARIS” वलवेरिस वलगेरिस ही है इस दवा को लेने के बाद जितने भी Stones हैं वो चाहे गॉलब्लेडर (Gall Bladder) में हो या किडनी मे हो,या युनिद्रा के आसपास हो,या फिर मुत्रपिंड मे हो| वो सभी पथरी के Stones को गलाकरबहार निकाल देती है !

ज़्यादातर 80% केस मे डेढ़ से दो महीने मे ही सब स्टोन टूट टूट के बहार निकल जाते हैं कभी कभी हो सकता हे तीन महीने भी लग जाएँ आप 45 दिन के बाद सोनोग्राफी करवा लें जिससे यह पता चल जायेगा के कितना स्टोन टूट गया है और कितना बाकी रह गया है. अगर कुछ स्टोन रह गया हो तो इस दवा को कुछ दिन और ले सकते हैं इस दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं है.

पथरी के निकल जाने के बाद आप क्या करें?

एक बार जब सारी पथरी गलकर बहार निकल जाय Stone फिरसे दोबारा आपके शरीर में भविष्य मे ना बने उसके लिए आप एक और होमियोपेथी की दवा ले लें यह दवा का नाम है CHINA 1000 प्रवाही स्वरुप की इस दवा को आप एक ही दिन सुबह-दोपहर-शाम मे दो-दो बूंद करके सीधे जीभ पर डाल लीजिए फिर कभी भी भविष्य मे आपको स्टोन नहीं बनेगा. ये दवा इसीलिए ज़रूरी है क्योंकि कुछ लोगों को बार बार पथरी की शिकायत होती है.

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Disclaimer नोट:– ये जानकारी जो हमने आपको यहाँ शेयर की है ये सोशल मीडिया से ली गयी है इसका सेवन करने से पहले आप किसी चिकत्सक की सलाह अवश्य ले लें. अभी आप पढ़ रहे थे हेल्थ टिप्स इन हिंदी वेबसाइट में पथरी के लक्षण और पथरी का इलाज अगर अच्छा लगे तो शेयर ज़रूर करें ताकि वो हॉस्पिटल के महंगे इलाज के खर्चे से बचे धन्यवाद.

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