मेंस्ट्रुअल कप के फायदे और उपयोग करने की विधि – Menstrual Cup Benefits

मेंस्ट्रुअल कप के फायदे – महिलायों में शारीरिक बदलाब होने पर कई सारी समस्याएँ आती है जिनमे मासिक धर्म या माहवारी की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करने वाली है चूँकि ये सिर्फ महिलाओं में होती है इसलिए वो इस बीमारी को पुरषों को बताने से कतराती है. और हमारे भारत में इस तरह की समस्या को गुप्त रखा जाता है.

लेकिन जैसे जैसे समय बदल रहा है वैसे ही लोगों की मानसिकता भी बदल रही है. पहले माहवारी होने महिलायें और लड़कियां कपड़े का इस्तेमाल करती थीं. फिर सैनेटरी नैपकिन का प्रचलन बढ़ा और उसके बाद पेड्स का उपयोग करने लगीं.

मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल
मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल

ये सैनेटरी नैपकिन और पेड्स बहुत ही ज्यादा महंगे होते है इसलिए कुछ मध्यम वर्गीय महिलायें और लड़कियां इन को अफोर्ड नही कर पाती है और उन्हें कई तरह के सक्रमण हो जाती है क्योंकि वो कपड़े का इस्तेमाल करती है. जोकि बहुत ही ज्यादा संक्रमण फैलाता है और ये कपड़ा आरामदायक भी नही होता है.

मेंस्ट्रुअल कप कैसे उपयोग करें और मेंस्ट्रुअल कप के फायदे

लेकिन आज के आधुनिक युग में इस समस्या से बचने का बेहद सस्ता और आसान उपाय है. आजकल माहवारी और पीरियड्स की समस्या से बचने के नए तरीके और उपाय बाज़ार में मौजूद है जिसे मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual cup) या मासिक धर्म कप कहते है और ये बहुत ज्यादा महेंगे नही होते है.

क्योंकि मेंस्ट्रुअल कप मेडिकल ग्रेड सिलिकॉन से बनाये जाते है. और ये मासिक धर्म आने पर या माहवारी आने पर इस उपकरण को महिला या लड़की अपनी योनी में लगा लेती है. ये रक्त के स्त्राव को कण्ट्रोल करने न में मदद करता है और इस कप सबसे खास बात यह है कि इस कप को गुप्तांग से निकाल कर साफ़ करके पुनः उपयोग में ले सकते है.

मासिक धर्म कप price

और भारत में जो महिलाएं स्त्री रोग की विशेषज्ञ है वो कपड़े और सैनिटरी पैड के इस्तेमाल करने की सलाह बहुत कम देती है क्योंकि ये बहुत ज्यादा खर्चीले होते है. जबकि मेंस्ट्रुअल कप इनके मुकाबले कई गुना सस्ते होते है और इन्हे दोबारा से उपयोग भी किया जा सकता है.

जबकि सैनेटरी पेड्स को एक बार इस्तेमाल करने के बाद फैकना ही पड़ता है. मेंस्ट्रुअल कप की ऑनलाइन और बाज़ार में कीमत लगभग 200 रूपए से लेकर 500 तक होती है लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाली मेंस्ट्रुअल कप 1000-1200 रूपए तक के आते है.

मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करने की आसान विधि

यदि आप पहली बार इसका इस्तेमाल कर रही है तो कुछ बातों का ध्यान रखें. जब आप मेंस्ट्रुअल कप लेकर आएं टी सबसे पहले इस कप को साफ़ पानी रखें फिर इसे साबुन से धों कर फिर से गर्म पानी में डालकर आधे घंटे तक रखें. ऐसा करने से कप कीटाणुओं से मुक्त हो जायेगा. फिर अपने हाथों को भी साबुन से अच्छे से रगड़ कर साफ़ कर लें.

मासिक कप

इस कप के बीच वाले हिस्से को दोनों उँगलियों के बीच में रखकर दबाएं. और इस कप को सी आकार में मोड़ कर अपनी योनि में डाल लें. यदि आपको ऐसा करने में समस्या आती है तो आप इस उपाय को और ज्यादा आसान करने के लिए वाटर बेस्ड लुब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकती है जो की आपको किसी भी जनरल स्टोर या शॉप में आसानी मिल जायेगा.

और जैसे आप कप को योनि में डाल लेती है तो यह अपनी पूर्व अवस्था में आ जाता है. और ये योनि के भीतर जाते है आसपास की आंतरिक त्वचा से चिपक जाता है. और जब ये कप सही से फिट हो जाये तो इसे ऐसे ही छोड़ दें. लेकिन यदि कप अन्दर ठीक से खुला नहीं है तो आप इसे हल्का सा घुमा लें.

मेंस्ट्रुअल कप को इस्तेमाल करने के होते हैं ये फायदे

कई सारी लड़कियां और महिलाएं इस कप का इस्तेमाल करने लगी है. क्योंकि ये कप बहुत ही सस्ता और आरामदायक है. और इसे इस्तेमाल करने से कोई सक्रमण भी नही होती है. महिला विशेषज्ञ का भी मानना है कि मासिक धर्म कप बहुत बढ़िया हैं.

उन्हें पुन: उपयोग और कीटाणुरहित (Sterilized) किया जा सकता है, और वे सैनिटरी नैपकिन की तुलना में उचित कीमत पर आते हैं. पर्यावरण के बढ़ते नुकसान को देखते हुए मासिक धर्म कप का उपयोग, सैनिटरी पैड की जगह करना आवश्यक हो गया है.

मासिक धर्म कप क्या है

जब महिलाओं में मासिक धर्म या माहवारी की समस्या होती है तो मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है क्योंकि ये बाहर से आने संक्रमण से रक्षा करते हैं. मासिक धर्म कप टैम्पोन या सैनिटरी पैड की तरह खून को शोख्ता नहीं नहीं उसे रोक रखता है.

मासिक धर्म रोकने के उपाय

इसलिए इस मासिक धर्म कप को स्वच्छ और साफ़ माना जाता है. इसके इस्तेमाल से कोई गंदगी भी नहीं होती है. ये संक्रमण को फैलने से भी रोकने में मदद करता है और आप इस का कई सालों तक कर सकती है. इसलिए लिए बेहद किफायती माना जाता है और ये काफी सुविधाजनक भी है.

मेंस्ट्रुअल कप इन हिंदी

भारतीय महिलाओं और लड़कियों को जंहा तक तो हो सके सैनिटरी नैपकिन और पेड्स की वजाये माहवारी होने पर इस मासिक धर्म कप या मेंस्ट्रुअल कप का उपयोग करना चाहिए. और ये काफी ज्यादा लाभदायक भी है. क्योंकि इसके इस्तेमाल से आपको टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम जैसे समस्या का खतरा भी नहीं होता है.

जो एक दुर्लभ बैक्टीरियल और घातक बीमारी है जो एक ही टैम्पोन का लम्बे समय तक उपयोग करने की वजह से हो सकती है. मेंस्ट्रुअल कप का सबसे अच्छा फायदा ये है की इसे है 5 या 6 घंटे बदलना नहीं पड़ता है इसे आप लगातार 12 घंटे एक इस्तेमाल में ले सकती है और काफी सुरक्षित है.

मासिक धर्म कप (मेंस्ट्रुअल कप) को इस्तेमाल करने के नुकसान

मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करने से जितने ज्यादा फायदे उसकी कई गुना कम उसके नुक्सान है क्योंकि हर वस्तु के दो पहलु होते है एक अच्छा और दूसरा बुरा एक गलत और दूसरा सही उसी तरह इसके इस्तेमाल के कुछ नुक्सान जोकि गंभीर नहीं होते हैं लेकिन फिर भी सुरक्षा के लिहाज़ से इन्हे इग्नोर नहीं किया जा सकता है.

मासिक धर्म कप नुकसान

ज्यादातर महिलायों को इसे लगाने में दिक्कत आती है क्योंकि ये योनी के भीतर की सतह से लगाना होता है. और ये सैनेटरी पेड्स के मुकाबले उपयोग करने में थोड़े कठिन होते है लेकिन थोड़ी की शिक्षा के बाद मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है. इसे को  यूज़ करने के कोई ख़ास नुकसान नही है.

कुछ महिलाओं ने शिकयत करते हुए कहा है कि इन्हें मेंस्ट्रुअल कप को साफ़ करने में काफी समस्या आती है क्योंकि इनमे वो रक्त जमा हो जाता है जो माहवारी के दौरान योनी से निकलता है तो उनके के लिए सलाह है वो इसे गर्म में पानी से उबाल कर साफ़ करें इससे मेंस्ट्रुअल कप में मौजूद बेक्टेरिया और वायरस नष्ट हो जाती है जिसके बाद आप इसे दोबारा से अपने उपयोग में ले सकती है.