Health Tonic और एनर्जी बूस्टर का सच जाने यहाँ

टेलीविज़न पर या केबल पर आप लगभग हर रोज इस तरह के हजारों विज्ञापन देखते हैं जैसे के Health Tonic हॉर्लिक्स, बोर्नविटा, और बूस्ट, जैसे या इससे मिलते-जुलते और कई तरह के हेल्थ बढ़ाने वाले पाउडर या और अन्य सामान का विज्ञापन. क्या आपने कभी ये जानने की कोशिश की है के ये आखिर बने किस चीज़ से होते हैं? आज हम  Health Tips In Hindi ब्लॉग पर आपको इन विदेशी प्रोडक्टों के बारे में बता रहे हैं कि यह किस चीज से बने हुए होते हैं और इनका सेवन आपको करना चाहिए या नहीं.

Health Tonic प्रोडक्टों का सच इसके बारे में जाने और दूसरों को भी बताएं

हमारे मशहूर क्रिकेटर रहे सचिन तेंदुलकर बूस्ट Health Tonic का विज्ञापन करते हैं और विज्ञापन में स्लोगन होता है “Boost Secret Of My Energy” विज्ञापन देखने से पता चलता है कि सचिन तेंदुलकर Boost पीकर ही इतना जबरदस्त खिलाड़ी बना है. यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि पढ़े लिखे समझदार लोग जिन्हें अपना हीरो मानते हैं, अपना आदर्श मानते हैं वह लोग चंद पैसों की खातिर किसी भी विदेशी सामान का प्रचार करके हमारे देश की जनता को भ्रमित कर देते हैं और टीवी पर विज्ञापन देखने के बाद कई बार बच्चे जिद करते हैं तो कई बार हम भी आंख बंद करके बाजार से वह सामान खरीद लाते हैं लेकिन कभी यह जानने की कोशिश नहीं करते कि यह किस चीज का बना है.

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हमारे देश में अनगिनत विदेशी कंपनियां अपनी जड़ें जमाए हुए हैं और यह Health Tonic (हेल्थ टॉनिक) के नाम पर हमारे देश से ही सामान लेकर और कई सैकड़ा गुना दामों में हमें ही किस तरह से बेवक़ूफ़ बनाकर हमें यह खिला रहे हैं. कुछ हेल्थ प्रोडक्ट जैसे कि होर्लिक्स, मालटोवा, बोर्नविटा, कॉम्प्लान,बूस्ट या फिर प्रोटिनेक्स जैसे उत्पाद इनमे आपको क्या दिखता है क्या ये सेहत से भरपूर हैं? नहीं ये बनते हैं खली से खली का मतलब आप अगर आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं तो खली का मतलब आप बखूबी समझते होंगे और अगर नहीं जानते तो हम आपको बता दें खाली वह होती है जो जानवरों को खिलाने के लिए काम में आती है.

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जबकि एक अख़बार की रिपोर्टर के अनुसार हेल्थ प्रोडक्टों में जो फोटो छपी हुयी होती है वो चीज़ तो उनमे दूर दूर तक नहीं पेयी जाती भारत में विक्रेता को कैसे लुभाना है ये कम्पनियाँ अच्छी तरह से जानती हैं.

Health Supplement

जैसे कि सोयाबीन मूंगफली या सरसों का तेल निकालने के बाद अंत में उसका जो कचरा Scrap बचता है इसे खली बोलते हैं और यह खल हमारी गाय, बैल, भैंसों को खिलाने के काम आती है. और हम पढ़े-लिखे शहरी बेवक़ूफ़ उसी खली को बंद डिब्बे में कई गुना ज्यादा दाम देकर हमारे घर पर ले आते हैं, खुद भी खाते हैं और अपने बच्चों को भी खिलाते हैं.

बाजार में बिकने वाले ज्यादातर हेल्थ प्रोडक्टों में इसी मूंगफली की खली का प्रयोग किया जाता है यह बाजार में आपको 20-25 रुपए किलो तक मिल जाती है आप घर में ले आइए और 50 किलो खाने के बाद भी इसको आपको कोई फायदा नहीं होने वाला है इसके बदले आप सीधे ही या तो खाने में सोयाबीन का आटा मिलाकर खाएं या सीधे मूंगफली या सिंघदना गुड़ के साथ मिलकर खाएं तो इससे आपको काफी प्रोटीन मिलता है और कार्बोहाइड्रेट भी बहुत अधिक मात्रा में आपको सीधा-सीधा मिल जाता है.

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यह सीधा खाने वाले चीजें इतनी स्वास्थ्यवर्धक होती हैं जितना आप 50 पैकेट हॉर्लिक्स या बोर्नविटा के खरीद कर खाने से भी उतना प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेड नहीं मिल सकता. दुर्भाग्य से जानकारी के अभाव में हम उस कचरे को खा रहे हैं जो हमारे देहात में हमारे पशुओं को खिलाया जाता है. विज्ञापन की चमक-दमक देखकर शहर में पढ़े लिखे गंवार एजुकेटेड इडियट इसको अपने घर ले आते हैं और अपने बच्चों को खिलाते हैं.

कुछ समझदार व्यक्ति उनके डिब्बों पर लिखे कंटेंट्स को पढ़ते हैं इसमें यह विटामिन और वो विटामिन कितना प्रोटीन कितना केल्सियम लेकिन आपकी जानकारी के लिए यहां बता दें कि मिट्टी में भी 15 तरह से भी ज्यादा के Micro Nutrients होते हैं तो क्या हम लोग मिट्टी खाने लग जाएं?

हॉर्लिक्स में क्या पाया जाता है यहाँ जानें?

हॉर्लिक्स में कुछ गेहूं के आटे की मात्रा होती है और इसमें चने का सत्तू जौ का सत्तू मिला हुआ होता है अगर आप जानते हो सत्तू किसे कहते हैं यह उसी का दूसरा रुप है सत्तू भी इन तीनों चीजों को मिलाकर बनाया जाता है अगर आप किसी पढ़े लिखे समझदार व्यक्ति से कहेंगे क्यों भाई सत्तू खाओगे तो वह झट से मना कर देगा उसके मन में एकदम विचार आ जाएगा क्या गांव छाप सस्ते और घटिया सामान की बात कर रहा है. और अगर आप उसी व्यक्ति से पूछेंगे क्यों भाई हॉर्लिक्स पियोगे क्या तो बिना ना नुकर किये वह बोल देगा झट से हां भाई ले आओ. बस हम लोग यहीं मात खा रहे हैं.

बेहतरीन डिजाइन के डिब्बे में बंद वह पाउडर असल में सत्तू का ही दूसरा रूप है और हमारे देसी तरीके से बने हुए सत्तू से कई कई गुना ज्यादा ताकतवर और सेहतमंद है लेकिन हम लोग इसे खाने में झिझकते हैं और डिब्बाबंद विदेशी चीजों पर आंख बंद करके भरोसा कर लेते हैं क्योंकि आपके सामने टीवी पर लुभावना विज्ञापन दिखाया जा रहा है.

हमारे भारतीय बाजार में लगभग 15 सौ करोड रुपए का हेल्थ प्रोडक्ट सप्लीमेंट का व्यापार होता है यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह केवल आपकी “Mental Satisfaction” है हम बहुत ही अच्छी चीज़ खा रहे हैं और अपने बच्चों को भी खिला रहे हैं उधर असल में ऐसा कुछ भी नहीं है

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हम भारतीय लोगों को यहाँ कुदरती फल फ्रूट, ड्राय फ़ूड खाने को भरपूर मात्र में उपलब्ध है इसीलिए जहाँ तक संभव हो आप प्राकृतिक असली फ़ूड खाएं और इन विदेशी चमक दमक से ओतप्रोत लुभावने Health Tonic सामान का प्रयोग बंद करें.